Last Update On : 06 06 2018 04:32:38 PM

एक 26 वर्षीय लड़की को बंधक बनाकर ओला कैब ड्राइवर ने न केवल छेड़खानी की, बल्कि उसके कपड़े उतरवाकर उसकी नग्न तस्वीरें भी खींची। ओला ड्राइवर का इरादा उन नग्न फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने का था…

जनज्वार, दिल्ली। देश में क्या कोई ऐसी जगह बची है जो महिलाओं के लिए सुरक्षित कही जा सके। ओला—उबर के बारे में कहा जाता था कि इनके आने से महिलाएं कहीं भी निडर होकर आ—जा सकती है, क्योंकि बुकिंग के साथ ड्राइवर की पूरी डिटेल आती है, ऐसे में ड्राइवर महिलाओं के साथ बदतमीजी या किसी अन्य घटना के बारे में कई बार सोचते हैं। मगर लड़कियों—महिलाओं के साथ इन रेडियो टैक्सियों में हो रही रेप की कोशिशों की घटनाओं ने इन्हें सवालों के घेरे में ला दिया है।

ताजा मामला बेंगलुरु का है, जहां एक 26 वर्षीय आर्किटेक्ट लड़की को बंधक बनाकर ओला कैब ड्राइवर ने न केवल छेड़खानी की, बल्कि उसके कपड़े उतरवाकर उसकी नग्न तस्वीरें भी खींची। ओला ड्राइवर का इरादा उन नग्न फोटो को व्हाट्सग्रुप पर शेयर करने का था।

यह घटना पूर्वी उपनगर में रहने वाली आर्किटेक्ट लड़की के साथ 1 जून को घटित हुई, जब उसने एयरपोर्ट जाने के लिए ओला कैब बुक कराई। पीड़ित युवती को मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट जाना था। ओला कैब ड्राइवर जब उसे दूसरे रास्ते से ले जा रहा था तो उसने गलत रास्ते के बाबत कहा तो ड्राइवर ने यह कहते हुए बात पलट दी कि जिस रास्ते में ले जा रहा हूं वह रास्ता छोटा है इससे जल्दी एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। मगर युवती उसके इरादों को नहीं भांप सकी कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है।

पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने पीड़ित युवती के हवाले से कहा गया, ‘ड्राइवर ने हवाई अड्डा जल्दी पहुंचाने के बहाने मुख्य मार्ग से अपनी दिशा बदल ली और वह गाड़ी को सुनसान जगह पर ले गया। सुनसान जगह पर ले जाकर उसने गाड़ी को लॉक कर दिया और युवती के साथ मारपीट और छेड़खानी की। उसके बाद युवती का मोबाइल छीनकर अपने पास रख लिया और डरा—धमकाकर कपड़े उतरवा लिए और नग्न फोटो खींचे। यह फोटो उसने युवती के फोन से ही खींचे और फिर अपने व्हाट्सअप पर भेजे। यह फोटो उसने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर डालने के लिए खींची थीं। ड्राइवर ने युवती को धमकाया कि अगर उसने यहां पर शोर मचाया या इस घटना का जिक्र किसी से भी किया तो वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसका सामूहिक बलात्कार कर देगा।

पीड़िता के गिड़गिड़ाने—रोने और यह भरोसा दिलाने के बाद कि वह इस घटना का जिक्र किसी से भी नहीं करेगी और न ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी, ओला चालक ने उसे छोड़ा।

मामले की छानबीन कर रहे बेंगलुरु के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) सीमांत कुमार सिंह ने मीडिया को बताया ‘पीड़िता की शिकायत पर कैब चालक वी.अरुण को गिरफ्तार किया गया है और उसकी कार (केए-53 सी 6607) जब्त की गई है। उसे पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है।’

गौरतलब है कि जिस ड्राइवर ने युवती के साथ इस वारदात को अंजाम दिया ओला ने उसका पुलिस वैरिफिकेशन भी नहीं किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस ओला कैब में हम रात—बेरात लड़कियां निश्चिंत होकर यात्रा करती हैं, ओला का ऐसा लापरवाहीपूर्ण रवैया क्या दर्शाता है।

हालांकि युवती के साथ हुई इस घटना के बाद ओला ने बयान जारी कर कहा कि, ‘हम यात्रा के दौरान कस्टमर के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अफसोस जाहिर करते हैं। इस तरह की घटनाओं के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है और तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है।’

मामले की छानबीन कर रही पुलिस के मुताबिक पीड़िता युवती की कम्प्लेंट पर आईपीसी व आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में आरोपी ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, साथ ही पुलिस ने ओला कैब को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि इस चालक का पुलिस सत्यापन क्यों नहीं किया गया था।’

इस घटना के बाद यह सवाल खड़ा हो रहा है और इस पर बहस भी हो रही है कि ओला और उबर जैसी ‘रेडियो टैक्‍सी’ में क्‍या महिलाएं सुरक्षित हैं? ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है, क्‍योंकि ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें अकेली महिला के साथ कैब के ड्राइवर ने बलात्कार करना चाहा।