जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री गाय बचाने के लिए फसाद को प्रश्रय देगा, जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री धार्मिक लंपटई को लाइसेंस बांटेगा, उस प्रदेश में इससे अलग की उम्मीद नहीं की जा सकती…

जनज्वार। मिट्टी का तेल डालकर बुरी तरह जलाई गई दसवीं की छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है। मगर शासन—प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसके परिजन और वह खुद भी प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगा रही है कि उन लफंगों को सजा मिले जिन्होंने उसका यह हाल किया है मगर किसी के कान में जूं नहीं रेंग रही।

मॉब लिंचिंग, बलात्कार, हत्याओं और अन्य अपराधों में रिकॉर्ड कायम करते उत्तर प्रदेश के सत्तासीनों के लिए शायद मनचलों से परेशान हो किसी बच्ची को जलाया जाना या फिर जैसा कि पुलिस शुरुआती जांच के बाद कह रही है आत्मदाह की कोशिश करना कोई खबर ही न हो, क्योंकि ऐसी या इस तरह की तो रोज न जाने कितनी खबरें आती रहती हैं।

पुलिस ने शुरुआत में कहा कि रोज की छेड़खानी से तंग आ मेरठ की एक लड़की ने खुद पर आग लगा दी थी। अब वह लड़की मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती है और उसके परिजनों ने न्याय की गुहार के लिए जहां वो भर्ती है उसके पास पोस्टर चिपका दिए हैं। वहीं लड़की के पिता का कहना है कि उनकी बेटी ने खुद को आग नहीं लगाई बल्कि उन गुंडों ने ही हमारे घर के अंदर मिट्टी का तेल छिड़क उसे जलाया है। मेरे पास इसके साक्ष्य भी मौजूद हैं, पुलिस को इस मामले में सही कार्रवाई करनी चाहिए।

लड़की की हालत इतनी खरा​ब है कि उसे इलाज के लिए मेरठ से दिल्ली रेफर कर दिया गया है। बावजूद इसके कानून—प्रशासन की तरफ से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। जहां लड़की के परिजन कह रहे हैं कि उनकी बच्ची को उसके साथ छेड़खानी करने वाले लड़कों ने जलाया है, वहीं पु​लिस का कहना है शुरुआती जांच में लड़की द्वारा छेड़खानी से तंग आ आत्मदाह करने की कोशिश का खुलासा हुआ था। पुलिस अपनी सफाई में कह रही है कि लड़की को जलाए जाने की बात उसे एफआईआर के बाद पता चली है। हम सभी तथ्यों की जांच—पड़ताल कर रहे हैं।

घटनाक्रम के मुताबिक दसवीं की छात्रा को उसके मोहल्ले के ही कुछ लड़के अक्सर आते-आते परेशान कर रहे थे। उनकी हिम्मत इतनी ज्यादा बढ़ गई कि उन्होंने जबरन लड़की को मोबाइल थमा दिया और धमकी दी कि अगर तुम हमारी कॉल रिसीव नहीं करोगी तो तुम्हारे पूरे खानदान को खत्म कर देंगे।

पुलिस के मुताबिक इस बात की शिकायत जब लड़की ने अपने मां—पिता से की तो आरोपी लड़कों ने उसके घर जाकर सबके सामने उसे और उसके परिवार को धमकाया। इसी से परेशान होकर लड़की ने आत्मदाह कर लिया और हमने इस मामले में दो लड़कों को गिरफ्तार किया है।

दूसरी तरफ लड़की के पिता का कहना है कि पुलिस जान—बूझकर अपराधियों को बचा रही है और कड़ी कार्रवाई से बच रही है। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी से इस मामले में सही जांच करने की मांग की है। लड़की के पिता ने मीडिया को भी बताया कि उनके पास इस बात के सबूत मौजूद हैं कि उनकी बेटी को उन्हीं गुंडों ने जलाया था।

मेरठ के एसएसपी राजेश पांडेय की मानें तो पीएचसी में जब बुरी तरह जल चुकी युवती के घर पहुंची तो उस समय वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को जानकारी दी कि छेड़खानी से तंग आकर लड़की ने आत्मदाह कर लिया, लड़की के परिजनों ने शाम को एफआईआर में उसे जलाए जाने की बात कही। कहा कि आरोपियों ने घर में घुसकर लड़की पर मिट्टी का तेल छिड़क उस पर आग लगा दी। हम इस मामले में छानबीन कर रहे हैं। दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी के बारे में पता लगाया जा रहा है।


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