Last Update On : 17 09 2018 12:47:50 PM

18 सिख रेजीमेंट के एक जवान ने अपने 2 साथियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मार ली….

जनज्वार। आए दिन पुलिसवालों और सैनिकों की आत्महत्या की खबरें मीडिया में छाई रहती हैं। हाल में फिर एक सैनिक ने आत्महत्या की है। उसने न सिर्फ खुद की जान ली, बल्कि अपने 2 साथियों की भी हत्या कर ली।

एएनआई में आई खबर के मुताबिक आज सुबह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 18 सिख रेजीमेंट के एक जवान ने अपने 2 साथियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मार ली।

फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, मगर इस आत्महत्या और 2 साथियों की हत्या की खबर ने यह मुद्दा जरूर उठा दिया है कि आखिर किस डिप्रेशन में सैनिक ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या उन पर काम का बोझ ज्यादा है, या फिर उनके सीनियर द्वारा उन्हें काम के दौरान तंग किया जाता है।

इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में पंजाब रेजीमेंट के एक सैनिक द्वारा खुद की सर्विस राइफल से आत्महत्या की खबर सामने आई। 7 सितंबर को पंजाब रेजीमेंट के 34 वर्षीय नायक जसवीर सिंह जो जम्मू के महेश्वर शिविर में तैनात था, द्वारा अपनी सर्विस राइफल से खुद को शुक्रवार को गोली मार ली।

संसद में एक सवाल के जवाब में दिए गए एक आंकड़े के मुताबिक 2017 में तीनों सशस्त्र सेनाओं के कुल 92 जवानों ने आत्महत्या की थी। इसमें सबसे ज्यादा थलसेना कर्मी शामिल रहे।

रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा था कि आंकड़ों के अनुसार भारतीय सेना में दो अधिकारी, 67 जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) व दूसरी रैंक (ओआर) के कर्मियों ने आत्महत्या की। जेसीओ व ओआर के आत्महत्या करने वालों की संख्या 2016 में 100, 2015 में 77 व 2014 में 82 रही। सेना के अधिकारियों में 2016 में 4, 2015 में 1 व 2014 में दो लोगों ने आत्महत्या की। भामरे के मुताबिक आत्महत्या के कारणों में पारिवारिक मुद्दे, घरेलू समस्याएं, वैवाहिक असंतोष व निजी मुद्दे शामिल रहे हैं।