मथुरा के सदर थाना क्षेत्र के दामोदरपुरा इलाके में कार सवार बदमाशों ने आज सुबह 4 अप्रैल को डयूटी पर जा रही महिला पुलिसकर्मी नीलम पर तेजाब से हमला कर दिया, जिसमें नीलम गंभीर रूप से झुलस गई…

जनज्वार। देश में जब पुलिसकर्मी ही जब सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा समझा जा सकता है। खासकर महिलाओं के साथ होने वाली हैवानियत और दरिंदगी तो दिन—ब—दिन बढ़ती ही जा रही है। इसी दरिंदगी की शिकार हुई है मथुरा में तैनात महिला पुलिसकर्मी नीलम।

इस घटना ने उत्तर प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। बेखौफ बदमाशों ने जब एक महिला पुलिसकर्मी पर एसिड फेंकने का दुस्साहस किया है तो आम लड़कियों के साथ यह किस हद तक जा सकते हैं इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक मथुरा के सदर थाना क्षेत्र के दामोदरपुरा इलाके में कार सवार बदमाशों ने आज सुबह 4 अप्रैल को डयूटी पर जा रही महिला पुलिसकर्मी नीलम पर तेजाब से हमला कर दिया, जिसमें नीलम गंभीर रूप से झुलस गई।

गंभीर हालत में नीलम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत और ज्यादा बिगड़ने पर उसे आगरा रेफर कर दिया गया। साथी पुलिसकर्मी के साथ हुए इस जघन्य कांड के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू करने का दावा किया है।

शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने बताया कि मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्म स्थान चौकी पर तैनात 25 वर्षीय महिला कांस्टेबल नीलम मूल रूप से बुलंदशहर की रहने वाली हैं। उन पर आज तड़के कार सवार चार बदमाशों ने एसिड अटैक किया।

जानकारी के मुताबिक महिला पुलिसकर्मी नीलम थाना सदर इलाके के दामोदरपुरा में पिछले सालभर से किराए के कमरे में रहती हैं। सुबह लगभग 4 बजे जब उनके साथ यह दुर्घटना हुई, तब वह श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं। उन पर तेजाबी हमला उनके किराये के घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर किया गया। इस हमले में नीलम 40 फीसदी जल झुलस गई।

नीलम पर तेजाब से हमले के बाद उसका शोर सुन कुछ लोग घटनास्थल पर आए और उन्होंने उसके मकान मालिक और उसके साथी महिला कांस्टेबल को घटना से अवगत कराया। पुलिस वहां से नीलम को अस्पताल ले गई, मगर गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर आगरा के लिए रेफर कर दिया गया।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द से जल्द आरोपी सलाखों के पीछे होंगे, इसके लिए एसएसपी ने चार टीमें गठित कर दी हैं। नीलम पर यह तेजाबी हमला क्यों किया गया, पुलिस इन कारणों की भी जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर इस घटना की जमकर निंदा हो रही है। रितु चौधरी कहती हैं, मोदी है तो मुमकिन है, मोदीराज में स्त्रियों के लिए कोई जगह नहीं है। जब रेपिस्टों के समर्थन में सत्तासीन दल ही उतर आए तो महिलाओं पर अत्याचार कैसे रुकेगा? आज मथुरा में महिला पुलिस पर ही ऐसिड अटैक हो गया। न्याय की उम्मीद नहीं है, प्राथमिकता यही है कि यह बहन जल्द ही स्वस्थ हो।’

वहीं शिल्पी चौधरी लिखती हैं, —लीजिये मुख्यमंत्री को मोदी चालीसा से छुट्टी मिले तो कुछ और करें। महिला पुलिस ही एसिड अटैक का शिकार।’


जन पत्रकारिता को सहयोग दें / Support people journalism


Facebook Comment