Last Update On : 08 08 2018 11:36:31 AM
प्रतीकात्मक फोटो

महिला सहकर्मी से बलात्कार के आरोप में डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह के खिलाफ भोपाल स्थित कमलानगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है…

सुशील मानव की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश हो या मध्य प्रदेश बिहार हो या हरियाणा अब तो ऐसा लग रहा है कि हर ओर शिश्न ही शिश्न उग आये हैं। कान पक गए हैं, दिमाग झन्ना गया है, संवेदनाएँ पथरा गई हैं आँखों के पानी सूख गए हैं पर रेप की घटनाएं नहीं थम रहीं। आसिफा से शुरू हुआ बच्चियों से रेप सिलसिला देश के तमाम बालगृहों तक जा पहुँचा है।

इस बेहद बलात्कारी समय में रेप का ताजा मामला मध्य प्रदेश के होटल से निकलकर मीडिया में आ रहा है, जो पितृसत्ता की बलात्कारी संस्कृति, वैचारिक, सामाजिक और दैहिक ताकत और मर्द लैंगिक श्रेष्ठताबोध की कलंककथा है। पीड़िता कोई सामान्य महिला नहीं है। वो भी आरोपी की समान रैंकवाली डिप्टी कमिश्नर है। दुस्साहस की पराकाष्ठा इतनी कि आरोपी पीड़िता की समान रैंक और वर्दीधारी होने का भी लिहाज भूल गया।

घटनाक्रम के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार के वाणिज्य कर विभाग नोएडा में कार्यरत डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह उम्र 42 वर्ष ने यूपी की ही सहकर्मी डिप्टी महिला कमिश्नर से बलात्कार किया। उसे डराया-धमकाया मारा-पीटा और गाली दी।

भोपाल (साउथ) के पुलिस अधिक्षक राहुल कुमार लोढ़ा के मुताबिक महिला सहकर्मी से बलात्कार के आरोप में डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह के खिलाफ भोपाल स्थित कमलानगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 294 (अश्लील कार्य) और 323 (जान-बूझकर चोट पहुँचाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पीड़िता के मुताबिक उसकी पहचान आरोपी जिप्टी कमिश्नर से 2010 में हुई थी। दोनों किसी काम से 2 अगस्त को भोपाल आये थे और एक ही होटल के दो अलग अलग कमरे में ठहरे हुए थे। पीड़िता के मुताबिक 2 अगस्त की ही रात को आरोपी उसके कमरे में आया और धमकी देकर उसके साथ बलात्कार किया।

5 अगस्त को पीड़िता को दिल्ली जाना था, पर आरोपी ने उसे दिल्ली नहीं जाने दिया और पांच अगस्त की रात को फिर से होटल के कमरे में जाकर पीड़िता के साथ बलात्कार किया गालियां दी और मारपीट की।

शिवराज सिंह चौहान भाजपा के पंद्रह साल के शासनकाल में मध्यप्रदेश बलात्कार के मामलों में नंबर एक राज्य बन गया है। जबकि उत्तर प्रदेश नें भी तेजी से तरक्की की है और पिछली सरकार की शासनकाल के अपेक्षा लगभग सात गुना तेजी से विकास करते हुए बलात्कार की मामलों में नंबर दो राज्य बन चुका है। ये आंकड़ा सरकारी एजेंसी एनसीआरबी का है।