Last Update On : 23 05 2018 12:21:00 PM

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बयान जारी कर कहा, हम देश के सिनेमाघरों में ‘लवरात्रि’ का प्रदर्शन नहीं होने देंगे, हम नहीं चाहते कि हिंदुओं की भावनाएं आहत हों…

पिछले दिनों संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म ‘पदमावत’ काफी विवादों में रही थी, लेकिन येन—केन—प्रकारेण फिल्म रिलीज भी हुई और फिल्म का बिजनैस भी अच्छा रहा। अब नए विवादों में एक और फिल्म आ गई है।

सलमान खान की फिल्म ‘लवरात्रि’ को हिंदू त्योहार का मजाक उड़ाने वाला बताते हुए विश्व हिंदू परिषद ने धमकी दी है कि किसी भी हाल में इस फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

विहिप का कहना है कि सलमान खान निर्देशित फिल्म ‘लवरात्रि’ का प्रदर्शन इसलिए नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि उसका नाम एक हिंदू त्योहार के अर्थ का अनर्थ करता है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बयान जारी कर कहा, ‘हम देश के सिनेमाघरों में ‘लवरात्रि’ का प्रदर्शन नहीं होने देंगे। हम नहीं चाहते कि हिंदुओं की भावनाएं आहत हों।’

आनंद और प्यार के त्योहार में 35 फीसदी बढ़ी कंडोम की बिक्री

मीडिया को दिए बयान में आलोक कुमार ने कहा, ‘सलमान खान की फिल्म ‘लवरात्रि’ हिंदू त्योहार नवरात्रि की पृष्ठभूमि पर बनी है और यह नाम इसके अर्थ को विकृत करता है। सलमान खान अपनी बहन अर्पिता खान के पति आयुष शर्मा को अपनी होम प्रोडक्शन ‘लवरात्रि’ से लॉन्च कर रहे हैं। नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा के लिये नौ रातों तक चलने वाला उत्सव है, इसलिए हम इसके साथ मजाक बर्दाश्त नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि नवरात्र‍ि का त्यौहार देश में धूमधाम से मनाया जाता है, खास तौर पर गुजरात में इसलिए अलग ही धूम रहती है। ‘लवरात्रि’ गुजरात पर केंद्रित बताई जा रही है और चर्चा है कि इसे रिलीज भी नवरात्रि के आसपास ही किया जाएगा।

पहले भी विहिप समेत अनेक दूसरे हिंदुवादी संगठन अलग-अलग मुद्दों पर बनी फिल्मों के प्रदर्शन का विरोध करते आए हैं। हालिया ‘पदमावती’ फिल्म की यादें तो सबके जेहन में ताजा होंगी ही। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार कहते हैं, “हिंदू त्यौहार नवरात्रि से इसका ‘लवरात्रि’ नाम बनाया गया है, जो इसके नाम को बिगाड़ता है।”

गुजरात की पृष्ठभूमि पर बनी ‘लवरात्रि’ एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म में एक है, जिसमें ऐसे जोड़े की प्रेम कहानी दिखाई देगी, जिनका प्यार नवरात्रि के दौरान परवान चढ़ता है। इसीलिए इसका नाम ‘लवरात्रि’ रखा है और हिंदू संगठनों को ऐतराज भी इसी बात से है।

खैर यह तो रही फिल्म और हिंदू संगठनों के विरोध की बात, मगर सही मायनों में गुजरात में ‘नवरात्रि’ में ‘लवरात्रि’ को परवान चढ़ते देखा जा सकता है। एक ही मौका होता है जब परिवार और समाज को लड़के—लड़कियों के एक साथ होने पर आपत्ति नहीं होती। गुजरात को इस मामले में प्रगतिशील कहा जा सकता है कि यहां के युवा गरबे के दौरान गर्भनिरोधकों का बेझिझक इस्तेमाल करते हैं।

गुजरात स्टेट फेडरेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (जीएसएफसीडीए) के अनुमान के मुताबिक, नवरात्रि के आसपास कंडोम और गर्भनिरोधकों की बिक्री में खासा उछाल आता है। पिछले साल नवरात्रि में इसकी बिक्री में 35% की वृद्धि हुई। पिछले साल की रिपोर्टों के मुताबिक नवरात्रि के दौरान, गर्भ निरोधकों और कंडोम की बिक्री इतनी बढ़ती है कि कई पान की दुकानों जो अक्सर रात तक खुली रहती हैं, में भी कंडोम बेचना शुरू कर दिया गया था।