खुफिया विभाग ने जताई आशंका शासन—प्रशासन की मदद से पूर्व सभासद के गैंग का उपयोग हो सकता है केन्द्र सरकार द्वारा निर्धन लोगों को आवास मुहैया कराने के लिये चलाई जा रही योजनाओं में से किसी एक योजना के मद में पड़े पैसे को ठिकाने लगाने के लिये…

रामनगर, जनज्वार। उत्तराखण्ड के रामनगर की एक दर्जन से अधिक विधवा महिलाओं के बैंक खाते का उपयोग करके उनसे लाखों रुपये ठगी का मामला प्रकाश में आया है। महिलाओं ने पूर्व महिला सभासद व उसके दो हल्द्वानी के परिचितों को इस मामले का षडयंत्रकर्ता बताते हुये कोतवाली में तहरीर दी है।

घटनाक्रम के अनुसार गुलरघटटी की पूर्व सभासद नाजरा बेगम पत्नी युसूफ अहमद ने हल्द्वानी निवासी दिलशाद व सुरेश बिष्ट के साथ हमसाज होकर मुहल्ले की कुछ विधवा महिलाओं को विधवा पेंशन तथा उनके भरण-पोषण के लिये सरकार से मदद दिलवाने का आश्वासन दिलाते हुये उनसे उनके बैंक खाते का विवरण, पति का मृत्यु प्रमाणपत्र व आधार कार्ड आदि दस्तावेज ले लिये।

कुछ दिन बाद प्रत्येक महिला के बैंक खाते में भवन एवं अन्य सन्निर्माण संस्था के सचिव की ओर आटीजीएस के माध्यम से दो लाख दस हजार रुपये की रकम जमा हुई, जिसके बाद नाजरा ने इन लोगो को झांसा देते हुये कहा कि कुछ और लोगों का पैसा तुम्हारे बैंक खाते में गलती से जमा हो गया है। यह कहीते हुए सम्बन्धित महिला को बैंक ले जाकर उनके खाते हुये 1 लाख पिचासी हजार की रकम निकालकर पूर्व सभासद नाजरा व उसके साथियों ने रख ली।

एक अन्य महिला के खाते में आई रकम को उसके द्वारा बैंक से निकलवाकर बैंक में ही इन लोगों ने सुरक्षा के नाम पर रख ली, जिसे घर पहुंचने के बाद उस महिला को देने से इंकार कर दिया गया। नाजरा बेगम के इस जाल में फंसी प्रेमवती पत्नी स्वर्गीय खमानी के सेन्ट्रल बैंक स्थित खाता संख्या में 3999728816 में 26 मार्च को दो लाख दस हजार की रकम जमा हुई, जिसमें से नाजरा व उसके साथियों दिलशाद व सुरेश ने प्रेमवती से 26 मार्च को एक लाख पचासी हजार तथा 29 मार्च को पांच हजार खाते से निकलवाकर अपने पास रख लिये।

दूसरे प्रकरण में रेशमा पत्नी स्वर्गीय फुरकान निवासी आदर्शनगर के बैंक खाते हुये यह रकम 1 जून को जमा हुई, जिसे 6 जून को ही नाजरा व उसके साथियों द्वारा रेशमा के माध्यम से ही बैंक खाते से निकलवाकर अपने पास रख लिया गया। इसी प्रकार लक्ष्मी देवी के खाते में भी 22 जून को आई इस रकम का भी बंटवारा कर दिया गया।

ठगी का शिकार हुई महिलाओं का आरोप है कि नाजरा बेगम ने अपने हल्द्वानी वाले साथी युवकों के साथ मिलकर उनसे सादे चेक पर हस्ताक्षकर करवाकर भी रख लिये हैं। अब चेक व पैसे मांगने पर नाजरा व उसके साथी उन्हें जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं। मामले में कई महिलाओं द्वारा शिकायत किये जाने पर कोतवाली पुलिस ने प्रेमवती के पुत्र गोपी की संयुक्त तहरीर के आधार पर आरोपियो के खिलाफ मामले की जांच शुरु कर दी है। इस प्रकरण की जांच कोतवाल के निर्देश पर उपनिरीक्षक चेतन रावत को सौंपी गई है।

दूसरी ओर इस घटनाक्रम के खुलासे से खुफिया विभाग में भी हड़कम्प मच गया है। खुफिया विभाग को आशंका है कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्धन लोगों को आवास मुहैया कराने के लिये चलाई जा रही योजनाओं में से किसी एक योजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने इस मद में पड़े पैसे को ठिकाने लगाने के लिये इनके गिरोह का उपयोग किया होगा। खुफिया विभाग इस मामले में आरटीजीएस करने वाले खाता धारक के बारे में पड़ताल कर रहा है।