भगत सिंह को याद करने का मतलब है पूंजीवाद-साम्राज्यवाद की कब्र खोद समाजवाद का रास्ता बुलंद करना…

जनज्वार, देवरिया। शहीद—ए—आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर पर आज 23 मार्च को देवरिया स्थित न्यू कॉलोनी में विभिन्न सामाजिक—राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने सरदार भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद पूंजीवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए गए तथा शहीदों के सपनों का समाजवादी समाज बनाने के संकल्प को दुहराया गया एवं शिव मंदिर रोड पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया।

गोष्ठी में बतौर अध्यक्ष बोलते हुए “कृषक, पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन” के संयोजक कर्नल प्रमोद शर्मा ने कहा कि आज सभी युवाओं को भगत सिंह के विचारों को जानने और उनका अनुसरण करने की जरूरत है। क्रांति मानव जाति का अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न खत्म होने वाला जन्मसिद्ध अधिकार है और श्रम ही समाज का वास्तविक निर्वाहक है।

जनवादी लोक मंच के प्रतिनिधि चतुरानन ओझा ने कहा कि आज जब मजदूरों—किसानों—छात्रों-दलितों के संघर्ष हो रहे हैं, तो यह इसी बात को दर्शाते हैं कि वह इस पूंजीवादी लूट शोषण से न सिर्फ नाखुश हैं, बल्कि इसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इन सभी का यह सैलाब एक दिन भगत सिंह की विरासत को आगे बढ़ाएगा और अपनी मुक्ति की ओर बढ़ेगा। वह पूंजीवादी लूट और दमन का अंत कर वास्तविक लोकतंत्र समाजवादी लोकतंत्र स्थापित करेगा।

पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के मंडल अध्यक्ष अरविंद गिरि ने कहा कि आज सिर्फ शहीदों के बताए समाजवाद का रास्ता ही मजदूरों, किसानों, नौजवानों, शोषित और पीड़ितों का रास्ता है। यह रास्ता इंकलाब से होकर जाता है। आज भगत सिंह को याद करने का सीधा मतलब है पूंजीवाद-साम्राज्यवाद की कब्र खोदना और समाजवाद का रास्ता बुलंद करना।

युवा एकता मंच के संस्थापक सत्येंद्र यादव ने कहा कि हमें शहीदों के सपने को पूरा करने के लिए कोई भी कुर्बानी करने को तैयार रहना होगा। इस अवसर पर शहीद भगत सिंह के संगठन के सदस्य रहे एवं पूर्व सांसद विश्वनाथ राय जी को भी याद किया गया।

क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश जिनकी आज ही के दिन खालिस्तानी आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, उनकी भगत सिंह से संबंधित कविताएं एवं “सबसे खतरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना”, “यदि देश की सुरक्षा यही होती है तो हमें देश की सुरक्षा से खतरा है” जैसी कविताओं का पाठ भी किया गया।

गोष्ठी में आये हुये सभी सदस्यों ने एक मत से प्रस्ताव पारित किया कि आने वाले लोकसभा के चुनाव में वे धनबल और बाहुबल, जातिवाद और सम्प्रदायवाद का विरोध करेंगे और शिक्षा और रोजगार जैसे जरुरी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।

बैठक में हीरानंद राय, कांग्रेस प्रदेश सचिव सुहेल अंसारी, कैलाश तिवारी, श्रीप्रकाश पांडे, सुभाष राय पूर्व महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी देवरिया, सुमन रावत, धर्मेंद्र पांडे, पत्रकार रावि शुक्ला, जोखू, अशोक मालवीय, संदेश, अंकित, रिंकू, अविनाश सिंह, मनीष सिंह, उत्तेज मिश्र आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन अरविंद गिरि ने किया।


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