Last Update On : 10 01 2018 12:17:00 PM

गीता की 10 कॉपियां खरीदीं 3 लाख 80 हजार में, अपनी सांसद हेमा मालिनी को 20 लाख तो भजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को की 10 लाख की पेमेंट महोत्सव में आने के लिए…

चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा की बीजेपी सरकार ने तो हिंदुओं की पवित्र मानी जाने वाली धार्मिक पुस्तक गीता को भी नहीं बख्शा। भागवत गीता भी खट्टर सरकार में घोटाले की भेंट चढ़ गई।

गौरतलब है कि पिछले साल हरियाणा सरकार ने गीता जयंती महोत्सव आयोजित किया था, जिसने तब खूब सुर्खियां बटोरी थीं। मगर एक बार फिर यह चर्चा में है। मगर इस बार चर्चा का कारण है इसमें किए गए पैसे का दुरुपयोग या कहें कि घोटाला।

सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड ने जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात सामने रखी है वो यह कि सरकार ने भगवत गीता की 10 कॉपियां खरीदने पर 3 लाख 80 हजार रुपए खर्च किए। यानी भागवत गीता की एक कॉपी 38 हजार में खरीदी गई। जबकि आॅनलाइन भागवत गीता की कीमत 200 से अधिकतम 1000 रुपए है। आॅफलाइन भी इसकी कीमत हजार रुपए के अंदर ही है। 

गीता महोत्सव में खट्टर सरकार ने 15 करोड़ रुपए का भारी—भरकम बजट खर्च किया। गौरतलब है कि पिछले साल 25 नवंबर से 5 दिसंबर तक हरियाणा सरकार ने गीता महोत्सव आयोजित किया था।

सबसे हैरत की बात तो यह है कि इस महोत्सव में भाजपा द्वारास अपने सांसदों को तक परफार्म करने के लिए मोटी रकम पे की गई। आरटीआई में हुए खुलासे से पता चला है कि भाजपा ने अपनी सांसद और फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी को जहां 20 लाख रुपए पेमेंट की, वहीं भोजपुरी सिनेमा के स्टार और भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी को महोत्सव में हिस्सेदारी करने के लिए 10 लाख रुपए की मोटी रकम दी गई।