Last Update On : 10 09 2018 10:23:54 AM

भारत बंद के बावजूद आज भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी के बजाए हुई है बढ़ोत्तरी, पेट्रोल 23 पैसे तो डीजल में 22 पैसे हुआ महंगा, डॉलर के मुकाबले रुपया पहुंचा 72.30 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर….

बिहार में हिंसक हुआ भारत बंद, कहीं आगजनी तो कहीं फेंके गए पत्थर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने की अपील की उनके समर्थक न हों हिंसा में शामिल

जनज्वार, दिल्ली। कांग्रेस की अगुआई में तकरीबन विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद की शुरुआत देश के विभिन्न राज्यों से कर दी है। बंद का असर भी दिख रहा है। दिल्ली के राजघाट से रामलीला मैदान के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की अगुवाई में मार्च शुरू किया।

वहीं बंद के दौरान पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन पर जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे ट्रैक को ब्लॉक करने की खबरें मीडिया में आ रही हैं, वहीं गुजरात के भारुच में टायर जलाने की घटना सामने आई है, बसों को भी रोका गया, इससे सड़कों पर जाम लग गया।

बिहार में बंद के दौरान हंगामा और आगजनी की घटनाओं की भी पुष्टि की जा रही है। लोकल मीडिया के मुताबिक दरभंगा में प्रदर्शनकारियों ने कमला फास्ट पैसेंजर को रोक दिया है, वहीं जहानाबाद में राजद कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक पर आगजनी की। खगड़िया में बंद समर्थकों ने एनएच-31 को जाम किया, बस स्टेशन पर भी राजद नेताओं का प्रदर्शन जारी है।

महाराष्ट्र की पुणे सिटी के कमिश्नर डॉ. वेंकाटेशम के मुताबिक हिंसा की आशंका के मद्देनजर पूरे शहर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, अगर कोई अपने हाथ में कानून लेने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

थोड़े दिन पहले बाढ़ की भयानक त्रासदी झेल रहे केरल में भी विपक्ष के भारत बंद का असर दिखाई दे रहा है। यहां सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक भारत बंद रहेगा। बंद के समर्थन में यहां अधिकतर दुकानें बंद रहेंगी, साथ ही राज्य में बस सेवा भी बंद है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे और रुपए की वेल्यू कम होते जाने के खिलाफ आज कांग्रेस ने भारत बंद का आह्वान किया है। यह बंद सुबह 9 बजे से लेकर शाम को 3 बजे तक रहेगा।

भारत बंद में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचे जहां से बढ़ती महंगाई के खिलाफ मार्च किया जाएगा। इस बंद में विपक्ष के तमाम दल शामिल रहेंगे।

गौरतलब है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटने के बाद राहुल गांधी ने सीधे भारत बंद में शिरकत की है। मोदी सरकार के खिलाफ आयोजित इस बंद के खिलाफ समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया है।

कांग्रेस के मुताबिक उसे इस बंद में 21 विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। हालांकि वामपंथी दलों ने कांग्रेस के बंद से अलग से भारत बंद का कार्यक्रम आयोजित किया है तो तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने भी बंद का समर्थन तो नहीं किया है मगर वह महंगाई के मुद्दे पर प्रदर्शन करेंगी। राष्ट्रीय किसान यूनियन ने भी भारत बंद में कांग्रेस का साथ देने का ऐलान किया।

इस बंद की सफलता—असफलता केा विपक्षी एकता की परीक्षा के बतौर भी देखा जा रहा है, क्योंकि कल दिल्ली में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी ने यह कहकर कांग्रेस पर जबरदस्त हमला किया कि उसके राष्ट्रीय नेतृत्व को कोई नेता नहीं मानता। साथ ही राहुल गांधी पर तीव्र वार करते हुए कहा उन्हें विपक्ष का छोटा सा दल भी नेता स्वीकार करने को तैयार नहीं है, ऐसे में विपक्ष का महागठबंधन बनना लगभग नामुमकिन है। इसलिए आज के भारत बंद को विपक्षी दलों की एकता के लिटमस टेस्ट के बतौर भी देखा जा रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी विपक्षी एकता को चुनौती दी है, कहा है कि हमें लंबे समय तक सत्ता से दूर कोई नहीं कर सकता। बीजेपी के वरिष्ठ नेता चाहे जो कहें मगर 2019 के चुनाव के पूर्व विपक्षी दलों की रणनीति के हिसाब से यह कार्यक्रम बेहद अहम माना जा रहा है, और यह भी कि इसी से उनकी ताकत का पता चलेगा।

कांग्रेस पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं ने अपने-अपने राज्यों में भारत बंद को सफल बनाने के लिए ऐड़ी—चोटी का जोर लगाया हुआ है। सभी राज्यों में पार्टी के कार्यालयों, जिला मुख्यालयों और अन्य संस्थानों पर भारत बंद का आह्वान किया जाएगा। कांग्रेस नेता आज सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदर्शन करेंगे।