महिला विरोधी बयान के बाद वो अपनी बात से पलटते नजर आए। उन्होंने कहा मेरा इरादा महिलाओं की भावनाओं को आहत करना नहीं था। अगर मेरी बातों से किसी को तकलीफ हुई हो तो मैं माफी चाहता हूं…

मुंबई। ‘शराब के ब्रैंड को महिलाओं का नाम दो तो शराब खूब बिकेगी।’ यह किसी शराब माफिया का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में सत्तासीन भाजपा सरकार के मंत्री गिरीश महाजन के शब्द हैं।

इससे जाहिर होता है कि ये भाजपा मंत्री महिलाओं की कितनी इज्जत करते हैं और उनके दिल में महिलाओं के लिए कितनी इज्जत है।

यह विवादित बयान जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने नंदूरबार जिले में एक चीनी कारखाने में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया। हालांकि उनके इस महिला विरोधी बयान का देशव्यापी विरोध हुआ और उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। तमाम महिला संगठनों और शराबबंदी करने वाले संगठनों ने उनका विरोध किया है।

महाजन के इस विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह मराठी में कह रहे हैं कि अगर शराब या किसी और चीज की मांग बढ़ानी हो तो उसका नाम महिलाओं के नाम पर रखकर देखिए फिर देखिए उस बिजनैस में कितना उछाल आता है, कितनी मांग बढ़ती है संबंधित ब्रांड की।

भाजपा सरकार में मंत्री गिरीश महाजन उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले की जामनेर विधानसभा सीट से विधायक हैं। केंद्र में फिलहाल मोदी की सरकार है और महाराष्ट्र में भी।

हालांकि इस महिला विरोधी बयान के बाद वो अपनी बात से पलटते नजर आए। उन्होंने कहा मेरा इरादा महिलाओं की भावनाओं को आहत करना नहीं था। अगर मेरी बातों से किसी को तकलीफ हुई हो तो मैं माफी चाहता हूं।

उनके इस बयान पर सामाजिक कार्यकर्ता परोमिता गोस्वामी ने 5 नवंबर को जलगांव जिले के मूल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह महिलाओं का सीधे—सीधे अपमान है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में संविधान के अनुच्छेद 47 के प्रावधानों के तहत शराब पर पूर्ण पाबंदी है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2015 में विदर्भ क्षेत्र के चंद्रपुर जिले में शराब की खरीद-बिक्री, उत्पादन और प्रयोग पर पाबंदी लगाई गई थी।

हालांकि इस बयान ने राजनीतिक रूप ले लिया है। मंत्री का विरोध करते हुए एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक कहते हैं, मेरा मानना है कि मंत्री शराब के आदी हैं और हम महाराष्ट्र की महिलाओं से अपील करते हैं कि बाहर निकलकर इस तरह की मानसिकता के खिलाफ लड़ें।’

शिवसेना ने भी अपने मुखपत्र में महाजन की खूब खिंचाई की। कहा, ‘महाराष्ट्र में कई स्थानों पर महिलाएं शराब बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। इसके बारे में जानकारी होने के बावजूद महाजन ने इस तरह की टिप्पणी की, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।’


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