Last Update On : 18 07 2018 11:47:18 PM

भाजयुमो जिलाध्यक्ष का यह बयान बताता है कि भाजयुमो के गुंडों ने ही अग्निवेश पर जानलेवा हमला किया था, मगर यह बात समझ से परे है कि भाजपा के मंत्री महोदय आखिर क्यों हमलावरों को शह दे रहे हैं और किस बिना पर इस हमले को फेक करार दे रहे हैं…

रांची, जनज्वार। पाकुड़ में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर हमले की जहां चौतरफा निंदा हो रही है, वहीं भाजपा मंत्री का गैरजिम्मेदाराना और अहमक बयान सामने आया है कि अग्निवेश द्वारा यह हमला खुद ही प्रायोजि​त किया गया था, न कि भाजपा की युवा वाहिनी इसमें संलिप्त थी। इस बयान में सत्ता में होने की हनक साफ—साफ महसूस की जा सकती है, तभी तो भाजपा मंत्री भाजपा की युवा गुंडावाहिनी की पैरवी कर उसे पाक—साफ बता रहे हैं।

आप स्वामी अग्निवेश को उनके बयानों के कारण जानते हैं, मैं उनको उनके काम की वजह से जानता हूँ

एक तरफ जहां झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास जहां अग्निवेश पर हुए जानलेवा हमले पर बयान देते हैं कि इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी, वहीं उनके नगर विकास मंत्री सीपी सिंह कह रहे हैं कि पब्लिसिटी स्टंट के लिए स्वामी अग्निवेश ने खुद पर हमला कराया। मै स्वामी अग्निवेश को 40 साल से जानता हूं। हमला करने वाला भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का था ही नहीं, स्वामी ने हमला खुद करवाया। उसने अपने ऊपर लात-जूता घूसा चलवाए।’

सीपी सिंह इतने पर ही नहीं रुके, आगे कहा कि स्वामी अग्निवेश पुराना फ्रॉड है, गेरुआ चोला ओढ़ समाज को बांटने का काम कर रहा है। यही नहीं वह विदेशी फंड के सहारे भारत मे उन्माद फैलाने की भी कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले अग्निवेश अन्ना हजारे के आंदोलन में भी लात-जूता खाकर आये थे।

गौरतलब है कि पाकुड़ जिले के लिट्टपाड़ा प्रखंड मुख्यालय के विजय मरांडी स्टेडियम में अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति की ओर से 195वें दामिन दिवस पर विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें स्वामी अग्निवेश बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए स्वामी अग्निवेश पाकुड़ में होटल मुस्कान में ठहरे हुए थे।

जैसे ही वो सम्मेलन में जाने के लिए निकले, वैसे ही उन पर हमला कर दिया गया। उनके साथ इस हद तक मारपीट की गई कि उनके कपड़े भी फट गए। किसी तरह वहां से उनकी जान बचाई गई। इस सम्मेलन में पाकुड़, साहेबगंज, दुमका व गोड्डा जिला से करीब एक लाख आदिम जनजाति पहाड़िया समाज के लोग इकट्ठा हुए थे।

भाजपा की युवा गुंडावाहिनी ने स्वामी अग्निवेश को मरणासन्न होने तक पीटा, अस्पताल में भर्ती

जहां भाजपा मंत्री ने स्वामी अग्निवेश को फ्राड और स्वयं प्रायोजित और फर्जी कहा, वहीं इस घटना के बाद स्वामी अग्निवेश ने मीडिया कहा कि पहाड़िया समाज के लोग कार्यक्रम में ले जाने के लिए आये थे। उन्हीं के साथ मैं होटल से बाहर निकल रहा था कि भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मुझ पर टूट पड़े। मुझे गंदी-गंदी गालियां दीं, लात-घूसों से मारा। मुझे नीचे गिरा दिया, जिससे चश्मा भी टूट गया। मोबाइल भी छीन लिया गया।

स्वामी अग्निवेश ने सरकार से मांग की है कि जो लोग सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हैं, उनके खिलाफ शासन—प्रशासन कार्रवाई करे। मेरे ऊपर जानलेवा हमला करने वालों पर प्रशासन कार्रवाई करे। पुलिस-प्रशासन को मेरे आने की जानकारी थी, मैंने लगातार एसपी और डीएम को फोन किया, मगर फोन रिसीव नहीं किया। जब हमला हुआ तब कोई पुलिसवाला वहां नहीं था।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक जहां भाजपा मंत्री कहते हैं कि हमला फेक था, वहीं भाजयुमो जिलाध्यक्ष प्रसन्न मिश्रा बयानबाजी कर रहे हैं कि अग्निवेश, स्वामी का नाम रख व गेरुआ वस्त्र पहन कर विश्व में देश का अपमान करने का काम कर रहे हैं। ये देश में गोमांस का बढ़ावा दे रहे हैं। दंतेवाड़ा में शहीद हो रहे हमारे जवान को गालियां देते हैं। ईसाई मिशनरीज का एजेंट बन कर अग्निवेश पहाड़िया समाज के बीच में आये हैं। ये पहाड़िया का धर्म परिवर्तन कराने आये हैं। भाजयुमो देशभर में स्वामी अग्निवेश का विरोध करता है। इस क्रम में हमने इनका विरोध पाकुड़ में भी किया है।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष का यह बयान स्पष्ट करने के लिए काफी है कि भाजयुमो के गुंडों ने ही अग्निवेश पर जानलेवा हमला किया था, मगर यह बात समझ से परे है कि मंत्री महोदय आखिर क्यों हमलावरों को शह दे रहे हैं और किस बिना पर इस हमले को फेक करार दे रहे हैं।