पिछले तीन दशकों से राजनीति के लिए राम को बेच—बेच कर बासी कर चुकी भाजपा अबकी शहीदों के चिताओं पर चुनाव का मेला लगाएगी

भाजपा कर्नाटक सबसे बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदुरप्पा कहते हैं एयर स्ट्राइक से युवाओं मे जोश भर गया है, इससे हम 27 में से 22 लोकसभा सीटें जीत जाएंगे

राजकुमार तर्कशील का विश्लेषण

अमन किसलिए लाएं,
खत्म किसलिए कर दें,
ये जो अरबों का कारोबार क़ायम है
जंग की बदौलत
जो हम नियाज़मंदों का रोज़गार क़ायम है!!

पाकिस्तान की मशहूर शायरा फहमीदा रियाज की ये पंक्तियां आज के युद्धोन्माद के माहौल मे पूंजी और सत्ता के गठजोड़ को नंगा कर देती है।

14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में 44 जवान मारे गए। इस दुखदायी घटना से पूरा देश गमगीन है! इसके बरअक्स क्या हम यह जान पाए की यह हमला क्यों हुआ? क्या जवानों की जान बचाई जा सकती थी? इतनी सुरक्षा वाले स्थान पर हमला कैसे हुआ? कश्मीर के युवा मानवबम बनने पर क्यों मजबूर हैं, आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

जहां पर हमें विमर्श करना था, परिस्थितियों का ठोस मूल्यांकन कर आगे बढ़ना था, हम आज बिल्कुल उसके विपरीत खड़े हैं। चारों तरफ युद्धोन्माद व जंग का माहौल बनाया जा रहा है। कश्मीरियों पर हमले हो रहे हैं। उन्हें भगाया जा रहा है। कश्मीरी छात्रों पर हमले किये गये, यहां तक की प्रशासनिक मदद से भी उन्हें महरूम कर दिया, सोशल मीडिया पर कश्मीरियों की निर्मम पिटाई की वीडियो धड़ल्ले से वायरल की गई कि ये गद्दार हैं। मेघालय के राज्यपाल तथागत राॅय ने यहां तक कहा की कश्मीरियों और कश्मीर के सामानों का बहिष्कार करें।

वहीं मीडिया पत्रकारिता त्याग सत्ताधारी पार्टी के लिए राह आसान करने का काम कर रही है। चौतरफा सवालों से घिरी भाजपा के लिए पुलवामा की घटना वोटों की सौगात लेकर आई है। चूंकि भाजपा के राम अब वोट देने वाले राम नहीं रहे, तीन राज्यों मे विधासभा चुनावों में मिली हार भाजपा के सभी समीकरणों को बिगाड़ दिया!

पुलवामा की घटना आज भी संदेह के घेरे मे हैं, यह हमला किसने और क्यों करवाया कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता! इस घटना के बाद चुनावी दंगल जरुर सज गये हैं, असल सवालों पर पर्दा डालकर पुलवामा की घटना के बाद मोदी धड़ाधड़ चुनावी रैलियों मे मशगूल हैं, राष्ट्रभक्ति की खूब मार्केटिंग की जा रही है!

येदियुरप्पा ने तो यहां तक कह दिया है कि एयर स्ट्राइक से युवाओं मे जोश भर गया है इससे हम 27 में से 22 लोकसभा सीटें जीत जाएंगे। यानी इससे हमारे बूथ मजबत हुए हैं, क्या लोकसभा चुनाव जवानों के खून से मजबूत बनेगा?

‘मोदी सरकार सेना की शहादत पर गंदी राजनीति कर रही है। मोदी जी समेत पूरी भाजपा सेना के बलिदान पर सवार होकर अगला लोकसभा जीतना चाहती है।’

जिग्नेश मेवानी, गुजरात के विधायक और युवा दलित नेता

दरअसल भाजपा वायु सैनिक अभिन्दन की तस्वीर लगाकर रैली निकाल रही है, इसका सारा श्रेय अपने पर ले रही है, हर शहर मे मोदी की तस्वीर के साथ सैनिकों की तस्वीर लगाकर इसे सर्जिकल स्ट्राइक 2 का नाम दिया जा रहा है, भाजपा नेता मनोज तिवारी सेना की वर्दी पहन कर रोड शो कर रहे हैं कुल मिलाकर पुलवामा की घटना सत्ताधारी पार्टी के लिए वरदान बन कर आई है, विपक्ष सत्ता के खिलाफ बोलने में खामोश है!

(राजकुमार तर्कशील पत्रकारिता के छात्र हैं।)


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