Last Update On : 05 12 2018 08:00:51 AM
योगेश राज : पुलिस का आरोप कि गो हत्या के नाम पर तांडव मचाने वाला ही है इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का हत्यारा

गौकशी के शक में मारे गए अखलाक, पहलू खान और रहबर की हत्या में भी ठीक वैसे ही आतंकी गौरक्षों और हिंदुवादी उपद्रवियों का हाथ था जिस तरह बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या में….

इंस्पेक्टर हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही राहत इंदौरी की यह नज्म ‘लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पर सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है’

जनज्वार। बुलंदशहर में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की कल 3 दिसंबर को भगवा संगठनों के नेतृत्व में गोकशी के शक में उमड़ी उपद्रवी भीड़ ने हत्या कर दी थी। इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में पुलिस ने सुबोध कुमार सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी हिंदुवादी संगठन बजरंग दल के नेता योगेश राज को बनाया है। पुलिस  बजरंग दल के उपद्रवी योगेश राज को अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

इस मामले में पुलिस आधे दर्जन से ज्यादा लोगों को पुलिस हिरासत में ले चुकी है और दो से पूछताछ की जा रही है। 87 लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा बवाल की एफआईआर दर्ज की गई है। गौरतलब है कि ये वही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह हैं जो अखलाक मॉब लिंचिंग मामले के मुख्य गवाह और उसकी प्राथमिक जांच कर रहे थे।

घटनाक्रम के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी के शक में कल 3 दिसंबर को हिंदुवादी संगठनों के बैनर तले तीन गांवों की भीड़ दूसरे समुदाय की जान जान लेने पर उतारू हो गई थी।

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इस हिंसा में जहां दर्जनों लोग घायल हुए, वहीं इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई और उनके एक साथी कांस्टेबल की भी लगभग जान ले ली गई। कांस्टेबल की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा इस हिंसा में एक आम नागरिक की भी मौत हो गई है।

हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने इसे दंगे में परिवर्तित करने की पूरी कोशिश की। पुलिस चौकी फूंक दी गई और दर्जनों वाहनों पर आग लगा दी।

पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले का मुख्य आरोपी बजरंग दल नेता योगेश राज है। हिंदुवादी संगठन बजरंग दल का नेता योगेश राज बुलंदशहर की कथित गौकशी मामले का शिक़ायतकर्ता भी है। उसने जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसमें 7 लोगों को गौकशी का आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला है कि योगेश राज बजरंग दल का जिला संयोजक है।

योगेश राज के अलावा 87 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें से 27 लोग नामजद हैं तो 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। यह एफआईआर सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र द्वारा दर्ज कराई गई है।

एफआईआर में लिखा है कि हिंसा और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी बजरंग दल नेता योगेश राज भीड़ को बार-बार उकसा रहा था, जिसकी वजह से भीड़ उग्र हो गई।

बुलंदशहर हिंसा की भेंट चढ़े इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे अभिषेक रोष व्यक्त करते हुए कहते हैं, ‘मेरे पिता मुझे एक अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा न फैलाए। आज इस हिंदू-मुस्लिम झगड़े की वजह से मेरे पिता की जान चली गई, कल किसके पिता की जान जाएगी?’

बुलंदशहर हिंसा में मार दिए गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का बेटा ​अभिषेक

बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत हिंसा के दौरान गोली लगने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुबोध सिंह को बांयी आंख की भौं के पास गोली लगी, जो .32 की थी। हत्या करने के बाद हत्यारे सुबोध कुमार सिंह की सरकारी पिस्टल भी छीनकर ले गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए इस घटना में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजन को 50 लाख रुपये सहायता देने की बात कही। इसमें से 10 लाख रुपए सुबोध के माता-पिता को बतौर सहायता देने की घोषणा योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई।

बुलंदशहर हिंसा में तनाव और दंगे की आशंका को देखते हुए यहां धारा 144 लगा दी गई है। योगी सरकार द्वारा इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंप दी गई है, जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देगी। साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में मामले की जांच के लिए एक एसआईटी टीम भी गठित की गई है।