Last Update On : 19 06 2018 02:33:32 PM
देवब्रत सेन के राजनीतिक कामों और प्रयासों को याद करते कॉमरेड सुभाषिश

एक कर्मठ कम्युनिस्ट क्रांतिकारी भावना से काम करने वाले देवब्रत सेन का जाना अपूर्णीय क्षति है…

जनज्वार। कॉमरेड देवब्रत सेन की याद में 18 जून को जीपीएफ़ में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कॉ. देवब्रत लंबे समय से क्रांतिकारी राजनीतिक कामों में लगे हुए थे. वो पिछले चार पांच सालों से कैंसर से ग्रस्त थे.

उनके पुराने साथी, रवींद्र गोयल, रामू सिद्धार्थ, गैरी, दिगंबर, मुकुल, अजय मोदक, अरुण सिंह, जनार्दन, संजय, सविता, डॉ राजकुमार आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि ऐसे समय में जब सबसे अधिक ज़रूरत थी… एक कर्मठ कम्युनिस्ट क्रांतिकारी भावना से काम करने वाले देवब्रत सेन का जाना अपूर्णीय क्षति है.

डॉ. रामू सिद्धार्थ ने कहा कि जब लोकतांत्रिक मूल्यों का समाज ही नहीं राजनीतिक संगठनों में भी इतना टोटा पड़ गया हो, कॉमरेड देवब्रत जैसे डेमोक्रेटिक व्यक्ति का जाना एक भारी क्षति है.

सारे वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड देवब्रत ने अपने दिनों में जिस जीजिविषा और हिम्मत के साथ एक असाध्य बीमारी का सामना करते हुए भी राजनीतिक कामों के प्रति समर्पित रहे, वो एक मिसाल है.

देवब्रत सेन के मित्र और उनके साथ काम करने वाले लोग                                                                        सभी फोटो — संदीप

रुद्रपुर से आए उनके पुराने साथी कॉमरेड मुकुल ने कहा कि पिछले आठ नौ सालों से देवब्रत सेन जिन्हें लोग प्यार से देबू दा बुलाते थे…दिल्ली एनसीआर के इलाके में रहकर राजनीतिक कार्यवाहियों में मशगूल थे. इस दौरान उन्होंने श्रमजीवी पहल नाम से एक संगठन भी बनाया और इसी नाम से पत्रिका भी निकाली. बहुत ही कम समय में दिल्ली एनसीआर के सामाजिक कार्यकर्ताओं में उनकी प्रतिष्ठा एक बेहतरीन मार्क्सवादी शिक्षक के रूप में स्थापित हो गई.

जीवन के अंतिम दिनों में वो बनारस अपने घर चले गए, लेकिन वहां भी उन्होंने स्टडी सर्किल चलाना शुरू कर दिया और जल्द ही प्रगतिशील युवाओं और पुराने सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ गए. जीवन के अंतिम समय तक वो राजनीतिक कामों में लगे रहे.

सभा में एक प्रस्ताव ये भी रखा गया कि कॉमरेड देवब्रत सेन की स्मृति में हर साल एक लेक्चर सिरीज़ शुरू की जाए.