Last Update On : 22 10 2018 03:06:12 PM

दलित अल्पसंख्यक एकता मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता और IPS के राष्ट्रीय संयोजक ब्रजेश यादव ने लगाया आरोप रिहाई मंच के कार्यकर्ताओं को लालच देकर कांग्रेस में किया जा रहा शामिल

ब्रजेश यादव ने फेसबुक पोस्ट लिखकर बताई पूरी कहानी, रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने भी घटना को बताया सही

जनज्वार। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में लंबे समय से सक्रिय सामाजिक—राजनीतिक संगठन रिहाई मंच के कई सदस्य कांग्रेस में शामिल हुए। अब कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि मंच के कार्यकर्ताओं को लालच देकर कांग्रेस में शामिल किया जा रहा है। दलित अल्पसंख्यक एकता मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता और IPS के राष्ट्रीय संयोजक ब्रजेश यादव ने इससे जुड़ी एक फेसबुक पोस्ट भी लिखी है, जिसमें उन्होंने सीधे—सीधे कांग्रेस नेता राज बब्बर को कटघरे में खड़ा किया है।

रिहाई मंच के लोगों को कांग्रेस में शामिल करने की बात को सही बताते हुए मंच के महासचिव राजीव यादव कहते हैं कि हमारे मंच को तोड़ने की साजिश कांग्रेस द्वारा रची जा रही है, जिससे वह अपनी जड़ें मजबूत करना चाहती है।

रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव कहते हैं जनसंघर्षों में लगी तमाम शक्तियां, संगठन और व्यक्ति रिहाई मंच की ताकत बनते हैं। दलित अल्पसंख्यक एकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक ब्रजेश यादव भी इसी तरह के रिहाई मंच के सहयोगी—साथी हैं जिनकी बदौलत यह मंच एक अलग वैचारिक धरातल पर राष्ट्रीय ताकत बनकर उभरता है।

आइए पढ़ते हैं ब्रजेश यादव की सोशल मीडिया पर लिखी गई पोस्ट

दलित अल्पसंख्यक एकता मंच एक सामाजिक मंच है, जिसका संबंध किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं है। कुछ संगठन इस से अपना संबंध बता रहे हैं, तो यहां यह स्पष्ट किया जा रहा है कि दलित अल्पसंख्यक एकता मंच दलितों पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता है और करता रहेगा। जो लोग अपने निजी लाभ हेतु इसका इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह संगठन इस बात का खण्डन करता है।

यह घटना कांग्रेस पार्टी द्वारा कुछ लोगों को ऐसे ही काम में लगाकर किया जा रहा है जिसमे मेरे जैसे नौजवानों को झूठ बोलकर पार्टी दफ्तर लखनऊ तक ले जाया जाता है और सदस्यता लेने का दबाव बनाया जाता है।

पिछले दिनों कुछ लोगों द्वारा खुद को रिहाई मंच से जुड़ा बताते हुए मुझे और मेरे साथियों को हमारे संगठन के सवालों पर चर्चा के लिए राजबब्बर से मिलने को कहा गया, जिस पर हम लोग तैयार हो गए और बलिया से लखनऊ पहुंचे जहां अपने सवालों के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजबब्बर से मुलाकात करने की बात की। जहां हम पर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता लेने का दबाव डाला गया, जिसमें श्री राजबब्बर द्वारा लगातार यह बोला गया कि रिहाई मंच ने जबसे कांग्रेस में विलय कर लिया है तब से कांग्रेस की ताकत लगातार बढ़ रही है और रोज़ रिहाई मंच के लोग कांग्रेस के साथ जुड़ रहे हैं। रिहाई मंच के सभी लोग कांग्रेस में आ चुके हैं, जिसके लिए मैं रिहाई मंच को धन्यवाद देता हूं।

जब हमने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता लेने से इनकार कर दिया तो श्री राजबब्बर द्वारा कहा गया कि रिहाई मंच आज भी है और पार्टी में भी है और रिहाई मंच वाले हो कांग्रेस के सदस्य हो जाओगे तो पार्टी मज़बूत हो जाएगी और संगठन में काम करने का इनाम भी मिलता है। उनके द्वार बार बार रिहाई मंच का नाम लेकर हमारे ऊपर दबाव डाला गया कि पार्टी की सदस्यता ले लो।

आप सभी के बीच इसलिए मुझे आना पड़ा क्योंकि इस गंदी राजनीति का शिकार मेरे जैसे नौजवानों को लगातार बनाया जा रहा है, जिससे सामाजिक संगठनों के ऊपर प्रश्नचिन्ह लग रहा है एवं मेरे जैसे नौजवानों को समाज मे स्पष्टीकरण देना पड़ रहा है हम लोग सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। ये संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। हमारा संबंध ऐसे किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं है।

उपरोक्त फेसबुक स्टेटस को लेकर कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है इस खबर का खुद बृजेश यादव खंडन कर चुके हैं। इस संदर्भ में उन्होंने एक फेसबुक स्टेटस उपलब्ध कराया है, लेकिन उस स्टेटस से कुछ स्पष्ट नहीं हो रहा कि वह कब की और किस बारे में बात कर रहे हैं। वे इस स्टेटस में फेसबुक हैक होने की बात कर हैं और वे फेसबुक से अपना वह स्टेटस हटा चु​के हैं जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर रिहाई मंच को तोड़ने और कांग्रेस द्वारा लालच देकर पार्टी में शामिल होने की बातें लिखी हैं।

इस बारे में जनज्वार ने जब बृजेश यादव से फोन पर बात करने की कोशिश की तो उनका फोन स्वीच आॅफ जा रहा है।