Last Update On : 13 09 2018 05:39:54 PM
प्रतीकात्मक फोटो

आरोपी महिला को डायन बता घुस गए थे जबरन घर में और लाठी—डंडों, घूसों से की थी निर्ममता से हत्या, लाश को रख दिया था बरामदे में, 2 आरोपी सबूतों के अभाव में बरी….

जनज्वार। हमारा समाज धर्म—आस्था के नाम पर कितना निर्मम हो जाता है, इसके अनेक उदाहरण आए दिन सामने आते रहते हैं। इसके नाम पर तमाम हत्याएं की जाती हैं, तो मानवता को भी शर्मसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती। फिलहाल ऐसे ही एक मामले में रांची कोर्ट ने डायन बताकर महिला को मौत के घाट उतारने वाले 3 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उम्मीद की जानी चाहिए कि ऐसे फैसले अगर लागू होने लगें तो धर्म—आस्था, भूत—डायन के नाम पर की जाने वाली लिंचिंग की घटनाएं रुकेंगी। कोर्ट का यह फैसला स्वागत योग्य है।

प्रभात खबर में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक आज रांची, एजेसी एसएस प्रसाद की अदालत ने डायन हत्या मामले में तीन अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनायी है। सजा पाने वालों का नाम रोपना उरांव, महावीर उरांव अौर सुनील है।

इन तीनों हत्यारों पर कोर्ट ने 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने फैसला दिया है कि जुर्माना नहीं भरने पर महिला के हत्यारों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

तीनों को आइपीसी की धारा 302 (हत्या) अौर डायन हत्या प्रतिषेध अधिनियम की धारा तीन अौर चार के तहत सजा सुनायी गयी है, जबकि इसी मामले में अन्य दो आरोपियों झोपरा उरांव अौर फगुआ उरांव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। 

घटनाक्रम के मुताबिक चान्हो थाना में 25 जुलाई 2009 को डायन के नाम पर महिला की जान लेने का मामला दर्ज हुआ था। 24 जुलाई 2009 को लोटेंगा उरांव ने थाने में मामला दर्ज कराया था कि 3 सजायाफ्ता अभियुक्त और अन्य दो, जिन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, रात नौ बजे उसके घर में जबरन घुसे।

घर में घुसते ही इन लोगों ने लोटेंगा उरांव की पत्नी बती उरांव को डायन बताकर उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। गाली—गलौज करते हुए ये लोग उसे घर के बाहर घसीटते हुए ले गए और लाठी—डंडों, घूसों से पांचों लोग उसकी असहाय पत्नी पर पिल पड़े। हत्यारोपी बती उरांव को तब तक मारते रहे, जब तक कि उसकी जान नहीं चली गई। वो लगातार उसे गालियां दे रहे थे और कह रहे थे कि वह डायन है, सबको खा जाएगी।

जब लोटेंगा भी अपनी पत्नी को बचाने के लिए पीछे—पीछे गया तो अभियुक्तों ने उसे भी मारने की धमकी दी और वहां से भगा दिया। बुरी तरह पीटने के बाद बती की वहीं पर मौत हो गई तो हत्यारों ने उसके शव को लोटेंगा के बरामदे में रख दिया और वहां से भाग गए।