फोटो : हार्दिक पटेल के ट्वीटर से

अस्‍पताल से छुट्टी के बाद भी हार्दिक पटेल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी, आज हड़ताल का 17वां दिन, कहा पुलिस डीसीपी दे रहे जान से मारने की धमकी….

जनज्वार, अहमदाबाद। ‘अहमदाबाद का DCP राठौड़ मुझे कहता है मार दूँगा। अब ज़िंदा रखने का और मारने का काम भी यमराज जी ने राठौड़ जैसे पुलिस अधिकारी को दे रखा है क्या? उपवास आंदोलन का कवरेज कर रहे मीडियाकर्मी पर भी पुलिस ने बलप्रयोग किया और उनके कैमरे तोड़ने के प्रयास हुए। मीडिया के साथ जो हुआ वो ग़लत है।’

यह ट्वीट है पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का, जिनकी भूख हड़ताल का आज 17वां दिन है। तबियत खराब होने के बाद उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से कल उन्हें छुट्टी मिल गई है, वहां से उन्हें उनके घर लाया गया है। मगर अपनी मांगों के लिए अडिग हार्दिक ने अभी भी भूख हड़ताल खत्म नहीं की है, कहा है जब तक हमारी मांगें मान नहीं ली जाती यह आमरण अनशन जारी रहेगा।

आज भी भारत बंद पर एक ट्वीट करते हुए हार्दिक पटेल ने लिखा है, ‘भारत बंद जनता के कष्ट से बेखबर आत्ममुग्ध मोदी सरकार को जगाने के लिए है।’

उनके अनशन का 16वें दिन अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें घर लाया गया। हार्दिक पटेल के घर के बाहर बड़ी संख्‍या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जब मीडिया वाले हार्दिक से मिलने पहुंचने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इस पर हार्दिक ने ट्वीट किया, ‘घर पहुंचते ही फिर से मेरे निवास स्थान के बाहर हज़ारों की तादाद में पुलिस को तैनात कर दिया और लोगों को रोकने लगी है। अगर आपने अंग्रेज़ हुकूमत नहीं देखी तो आइए एक बार गुजरात, हमारे निवास स्थान पर आपको बाघा बॉर्डर का भी नज़ारा देखने को मिलेगा। सत्ता के नशे में जनता पर अमानवीय अत्याचार हैं।

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा मीडिया के साथ जो हुआ वो बहुत गलत है। अनिश्चितकालीन उपवास आंदोलन के सोलवें दिन अस्पताल से छुट्टी लेकर मेरे निवास स्थान पर जा रहा हूं। किसानों की कर्ज माफ़ी और सामाजिक न्याय के तहत उपवास आंदोलन का सोलहवें दिन पूरे प्रदेश में उपवास और जनसभा हो रही है। संपूर्ण लोक क्रांति का आह्वान हो गया है। हम कमज़ोर नहीं हैं।

साथ ही पुलिस के खौफनाक चेहरे से आगाह करते हुए ट्वीट किया कि अहमदाबाद के डीसीपी राठौड़ उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

गौरतलब है कि हार्दिक पटेल पाटीदारों को सरकारी नौकरियों तथा शिक्षा में आरक्षण तथा किसानों की ऋण माफी की मांग को लेकर 25 अगस्त से अपने आवास से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है, जिसका आज 17वां दिन है।

बीच में हार्दिक की तबीयत बिगड़ने पर उनके समर्थकों ने उन्हें 7 सितंबर को सोला राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया था और बाद में उन्हें निजी एसजीवीपी हालिस्टिक अस्पताल में ले जाया गया था, जहां से उन्हें कल 9 सितबर को छुट्टी दे दी गई। हार्दिक ने अस्पताल में भी आमरण अनशन जारी रखा था।

गौरतलब है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले हार्दिक ने अपने समर्थकों को फेसबुक लाइव के जरिये संदेश दिया था कि वह अपने आवास पर अब अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे।


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