Last Update On : 09 07 2018 07:22:05 PM

प्रिंसिपल बोलीं, हमारा स्कूल है शिक्षा निदेशक गोरखपुर के नियंत्राधीन, जिसमें राज्य सरकार के अधिकारी नहीं कर सकते बिना शिक्षा निदेशक के अनावश्यक हस्तक्षेप, बिना किसी कारण हम पर बनाया जा रहा है अनुचित दवाब…

देवरिया, जनज्वार। जिलाधिकारी देवरिया सुजीत कुमार ने देवरिया सीसी रोड के सोफिया कान्वेंट स्कूल की जमीन का पट्टा निरस्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि स्कूल द्वारा बरती जा रही तमाम अनियमिताओं की एवज में पट्टा निरस्त कर दिया जाए, जबकि स्कूल की प्रधानाचार्य का कहना है कि भाजपा सरकार के कुछ नेताओं के दबाव में डीएम महोदय ने यह कदम उठाया है।

प्रधानाचार्य डॉक्टर सथिया कहना है कि एक तरफ जहां झूठे आरोप लगा जांच टीम ने सोफिया कान्वेंट स्कूल का जमीन पट्टा निरस्त करने की सिफारिश की है, वहीं देवरिया में बिना सम्बद्धता के संचालित होने वाले एवं मानकविहीन स्कूलों के विरूद्ध कार्यवाही करने की दिशा में जिला प्रशासन कोई कदम उठाना तो दूर गूंगा बना हुआ है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि उन स्कूलों के मालिक पूंजीपति हैं और उनकी पहुंच सत्ता में ऊपर तक है, उनके लिए नियम—कानून ताक पर रखे जा रहे हैं।

डॉ. सथिया की मानें तो सोफिया कान्वेंट स्कूल के जमीन पट्टा और आवटंन 90 साल की लीज होने के बावजूद रद्द करने की सिफारिश की जा रही है, क्योंकि मैंने पैरवी पर नेताओं—नौकरशाहों के बच्चों को एडमिशन देने से मना कर दिया। गौरतलब है कि दिल्ली के आईसीसी बोर्ड से संचालित इस स्कूल का रिजल्ट हमेशा अव्वल रहता है, ऐसे में अनियमितताओं के आरोप पर वहां पढ़ने वाले बच्चों के परिजन भी आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं।

जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने शासन की तरफ से दिए गए नजूल भूमि के पट्टे को निरस्त करने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग चार के प्रमुख सचिव को यह कहते हुए पत्र लिखा कि विद्यालय द्वारा गरीब वर्ग के उत्थान व शिक्षा सुविधा प्रदान करने में हीलाहवाली और पट्टे के नियमों—शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।

जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सदर की अध्यक्षता में बीएसए, तहसीलदार सदर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवरिया व सहायक अभियंता नगर पालिका की चार सदस्यीय टीम ने कहा कि स्कूल द्वारा तमाम अनियमितताएं बरती जा रही हैं, इसलिए इसका पट्टा निरस्त किया जाए। साथ ही यह भी कहा गाया कि प्रधानाचार्य की तरफ से जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया गया।

जानकारी के मुताबिक सोफिया सेकेंड्री कांवेंट स्कूल सोसाइटी आफ मिशन सिस्टर्स अजमेर राजस्थान द्वारा संचालित है। निर्धन वर्ग के उत्थान व शिक्षा सुविधा प्रदान करने के लिए यह स्कूल खोला गया था। वर्ष 1973 में शासन ने 1.96 एकड़ व 1981 में 4.76 एकड़ नजूल की भूमि का नियमों व शर्तों के आधार पर विद्यालय के नाम पट्टा दिया था, जिसके तहत स्कूल का नवीनीकरण 30-30 वर्ष के लिए करने का प्राविधान किया गया। गौरतलब है कि दोनों आदेशों का पहली नवीनीकरण की स्वीकृति सरकार से दी जा चुकी है।

प्रशासन द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए स्कूल की प्रिंसिपल प्रधानाचार्य डॉ सथिया ने कहा कि यह संस्था भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग से माइनॉरटी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के रूप में आर्टिकल 30 भारत के संविधान से मान्यता प्राप्त है। काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट इक्जामिनेशन, नई दिल्ली से संबद्धता प्राप्त है। हमारा स्कूल शिक्षा निदेशक गोरखपुर के नियंत्राधीन है, जिसमें राज्य सरकार के अधिकारी बिना शिक्षा निदेशक के अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं कर सकते। फिर भी बिना किसी कारण के हम पर अनुचित दवाब बनाया जा रहा है।

डॉ. साथिया कहती हैं, हमारे स्कूल में गरीब बच्चों को नर्सरी से लेकर हाईस्कूल तक निशुल्क शिक्षा दी जाती है। स्कूल पर यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि इस सत्र में भाजपा सरकार के नामी नेताओं के माध्यम से एडमिशन के लिए प्रेशर डाला जा रहा था, जिसे स्कूल प्रबंधन ने नहीं स्वीकारा। इसीलिए शासन के इशारे पर डीएम महोदय स्कूल की भूमि का पट्टा ही निरस्त करवाने पर तुले हुए हैं।

(फोटो : स्कूल की वेबसाइट से)