Last Update On : 19 02 2018 08:09:00 AM

दलित छात्र दिलीप सरोज की हत्या में शामिल हत्यारों को भाजपा का संरक्षण प्राप्त है, जिसमें भाजपा नेता मोनू सिंह और अन्य हत्यारों को बचा रहे थे। इलाहाबाद जैसे शहर में यह हालत हैं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूबे के अन्य इलाकों में हालात क्या होंगे….

प्रतापगढ़, लखनऊ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सम्बद्ध कॉलेज एडीसी के विधि छात्र दिलीप सरोज की 10 फरवरी को कालिका होटल में पीट—पीटकर हत्या कर दी गयी थी। दलित छात्र की हत्या में शामिल हत्यारों ने ईंट पत्थर और रॉड से दिलीप सरोज को मार डाला। इलाहाबाद के कटरा इलाके में स्थित एक रेस्तरां में कुछ लोगों द्वारा मामूली कहासुनी के बाद दलित छात्र दिलीप कुमार सरोज की बेरहमी से पिटाई की गई थी।

इस हत्या का व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा है। रिहाई मंच ने दलित छात्र दिलीप सरोज के परिजनों से मुलाकात करके शोक संवेदना व्यक्त की। मंच ने दिलीप सरोज के हत्यारों को संरक्षण देने वाले भाजपा नेता मोनू सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि दिलीप सरोज के हत्यारों को संरक्षण देने वाले मोनू सिंह के ऊपर आपराधिक षड्यंत्र रचने और उनको मदद पहुंचाने के आरोप में तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

इलाहाबाद में दलित छात्र दिलीप सरोज की हत्या में शामिल हत्यारों को भाजपा का संरक्षण प्राप्त है, जिसमें भाजपा नेता मोनू सिंह और अन्य हत्यारों को बचा रहे थे। इलाहाबाद जैसे शहर में यह हालत हैं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूबे के अन्य इलाकों में हालात क्या होंगे।

हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित छात्र की हत्या सांस्थानिक हत्या थी, जिसमें सत्ता में बैठे लोगों की नीतियों के तहत हत्या की गई। दिलीप सरोज की हत्या तो भाजपा के संरक्षण में पल रहे गुंडों ने खुलेआम सड़क पर घसीट-घसीटकर की। खुलेआम सड़क पर हॉकी-डंडे लेकर सत्ता दम्भ में एक दलित की हत्या की गई।

मंच के प्रतिनिधियों ने 15 फरवरी को दिलीप के परिजनों से मुलाक़ात के साथ दिलीप सरोज के लिए इंसाफ के लिए चल रहे आंदोलन के नेताओं से मुलाकात की।