दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मानसरोवर फ्लाई ओवर के नीचे बसे लोहार बस्ती के 62 परिवार को edmc ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर बिना किसी पूर्व सूचना के तोड़ दिया। बस्ती को तोड़े जाने में कई महिलाओं और बच्चों को चोट भी लगी।

चोटिल होने वालों में एक गर्भवती महिला भी है, जिसके ऊपर दीवार गिर गई। बाद में उसे अस्पताल मे भर्ती कराना पड़ा। कई लोगों और बच्चों को पुलिस ने पीटा भी।

यह बस्ती पिछले 40 से 50 वर्षों से इसी स्थान पर बसी है। इन लोगों को कई वार उजाड़ा गया लेकिन बसाया नहीं गया। इन लोगों के पास 1973 के दस्तावेज हैं जिसमें मतदाता पहचान पत्र, बिजली का बिल और कई तरह के दस्तावेज मौजूद हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पाण्डेय के मुताबिक उजड़े परिवार वालों लोग 25 अगस्त को दिल्ली के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया परंतु अभी तक कोई मदद इन लोगों तक नहीं पहुँची है। महिलाओं को खुले मे शौच जाना पड़ रहा है, खुले में नहाना पड़ रहा है।

बच्चों कि शिक्षा में रुकावट आ रही है। रोज़ पुलिस वाले आकर धमकाते हैं कि अपना सामान लेकर चले जाओ नहीं तो आप लोगों का सामान उठा कर ले जायेंगे।


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