जिस रोज अमृता की शादी की पहली सालगिरह थी, उसी रोज उसने अपने मरहूम प्रेमी पेरुमाल्ला प्रणय के बीज को अपने हाँड-माँस-लहू से संपृक्त करके घर-परिवार-समाज की तमाम बाधाओं व झंझावतों को झेलते हुए फिर से अस्तित्वमान कर दिया है एक सुंदर से बच्चे को जन्म दिया है…

बता रहे हैं सुशील मानव

जिस पेरुमाल्ला प्रणय को उसकी प्रेमिका-जीवनसंगिनी अमृता की आँखों के सामने बड़ी बेरहमी से ऑनर किलिंग करके ये मान लिया गया था उसके अस्तित्व को खत्म कर दिया गया है। उस मरहूम प्रेमी पेरुमाल्ला प्रणय के बीज को अपने हाँड-माँस-लहू से संपृक्त करके घर-परिवार-समाज की तमाम बाधाओं व झंझावतों को झेलते हुए प्रेमिका-जीवन संगिनी ने फिर से अस्तित्वमान कर दिया है। एक बार फिर परंपरा हार गई है। एक बार फिर से साबित हो गया है प्रेम सृजन करता है और रुढ़िवादी परंपराएं विनाश।

“मेरे माता-पिता ने प्रणय को जान से इसलिए भी मार डाला क्योंकि मैं प्रेग्नेंट थीं। घरवालों को लगता है कि अगर बच्चा पैदा हो जाएगा तो उनकी जाति का सम्मान कम हो जाएगा। घरवाले हमें दर्द देना चाहते हैं क्योंकि हमनें उनकी बात नहीं सुनी। मेरे बाप ने प्रणय की हत्या करवाई लेकिन मैं प्रणय की निशानी को जन्म ज़रूर दूंगी। प्रणय के प्यार और याद की अमानत के तौर पर इस बच्चे को हर हाल में जन्म दूंगी।”- प्रेमी प्रणय की हत्या के बाद कहे गए अमृता के ये दर्द-शब्द रूपाकार ले चुके हैं। जिस रोज अमृता की शादी की पहली सालगिरह थी, उसी रोज अमृता ने एक सुंदर से बच्चे को जन्म दिया है।

गौरतलब है कि कि जिस वक़्त इस बेरहम वाकये को अंजाम दिया गया उस वक्त प्रणय अपनी गर्भवती जीवनसंगिनी को मेडिकल चेकअप के लिए क्लिनिक लेकर आए हुए थे। उनके साथ उनकी मां भी थीं, लेकिन जैसे ही उन्होंने क्लिनिक का मेन गेट पार किया पीछे से आकर एक व्यक्ति पीछे से प्रणय पर कुल्हाड़ी से हमला कर देता है। हत्यारा ताबड़तोड़ वार करता है। अमृता और प्रणय की मां मदद के लिए भीतर भागीं, लेकिन तब तक प्रणय की जान जा चुकी थी।

अपने आँखों के सामने जीवनसाथी प्रणय की हत्या देख अमृता सदमे से गिर गईं उसे अस्पताल पहुँचाया गया। बाद में अमुता ने पुलिस के सामने अपने पिता और चाचा पर प्रणय की हत्या करवाने का शक़ जाहिर किया। अमुता ने पुलिस से कहा कि- “क्योंकि प्रणय दूसरी जाति से थे और वे लोग शुरू से ही उसकी शादी का विरोध कर रहे थे। साथ ही अबॉर्शन के लिए भी दबाव बना रहे थे, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाह रही थी।’

अमृता ने भावुक होकर कहा था कि, ‘प्रणय बहुत अच्छे इंसान थे। वह मेरी बहुत अच्छे से देखभाल करते थे, खासकर प्रेगनेंट होने के बाद बहुत ध्यान रखते थे। प्रणय का बच्चा ही हमारा भविष्य है। मुझे नहीं पता कि इस दौर में भी जाति इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?’ यह बताते हुए अमृता की आंखों से धार फूट पड़ी थी।

प्रेम से ऑनर किलिंग तक की पूरी कहानी कुछ यूँ है कि हैदराबाद के पास नालगोंडा ज़िले के रहनिवासी प्रणय और अमृता स्कूल के वक्त से साथी थे और बड़े होते होते दोनों के बीच प्यार की अनुभूति गहराती चली गई। जब 21 वर्षीय अमृता ने 23 साल के प्रणय के साथ शादी की इच्छा ज़ाहिर की तो उसके घर में कोहराम मच गया। साल 2017 में अमृता के घर वालों ने उसकी शादी का ज़बरदस्त विरोध किया।

अमृता के पिता मारुति राव ने तो दो टूक कहा था कि प्रणय नीची जाति का ईसाई लड़का है इसलिए यह शादी नहीं हो सकती, जबकि प्रेम में बाग़ी हुई अमृता अपने पिता से इस मुद्दे पर झगड़ बैठी कि इस ज़माने में भी ये अगड़ी और पिछड़ी जाति की सोच रखना दकियानूसी बात है साथ ही उसने पिता के फरमान को मानने से साफ इनकार कर दिया। अमृता का बगावती रुख देख पिता मारुति ने कहा कि अगर उसने परिवार के खिलाफ जाकर कोई कदम उठाया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। प्रणय से बातचीत करने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया।

प्रणय और अमृता के इस फैसले पर मारुति और उसके भाई यानी अमृता के चाचा श्रवण ने दोनों को बेइंतहा धमकियां देते हुए न सिरफ अमृता को बुरी तरह मारा-पीटा बल्कि उसे घर में ही नज़रबंद कर दिया गया। एक दिन मौका पाकर अमृता अपने घर से भाग खड़ी हुई और उसने प्रणय से 30 जनवरी 2018 को आर्य मंदिर में जाकर शादी कर ली। फिर दोनों आर्य समाज के दफ्तर में गए और दोनों ने वहां कागज़ी और आर्य समाजी पद्धति से शादी की और फिर दोनों साथ रहने लगे।

इधर अमृता के रसूखदार पिता ने प्रणय और उसके परिवार के खिलाफ थाने में अमृता की किडनैपिंग की शिकायत दर्ज करवा दी और प्रणय के घर पर कुछ गुंडों को धमकी देने के लिए भेजा। मारुति चूंकि संपन्न और प्रभावशाली बिज़नेसमैन था, इसलिए प्रणय के घरवाले भी प्रणय और अमृता की शादी से डरे हुए थे। लेकिन अमृता ने अपने प्यार और प्रणय से दूर किए जाने पर खुदकुशी तक कर लेने की बात कही, तो प्रणय के घर वालों ने अमृता को अपना लिया था। एक खौफ का माहौल और आए-दिन किसी अनहोनी के अंदेशा बना रहता था। इस बीच अमृता यदा-कदा अपनी मां से फोन पर बातें कर लिया करती थी।

शादी के कुछ वक्त बीतने के साथ ही अमृता गर्भवती हो गई। जब अमृता के प्रेगनेंट होने की खबर मिलते ही अमृता का पिता मारुति आगबबूला हो गया। मारुति ने अमृता को फोन करके कहा कि वो फौरन अबॉर्शन करवा ले वरना वाकई अंजाम बहुत बुरा होगा। अमृता ने इस धमकी को भी नज़रअंदाज़ कर दिया। इन सबसे तिलमिलाकर मारुति ने कांट्रैक्ट किलर से संपर्क साधा।

मारुति को हत्यारों से बात करते हुए अमृता की मां ने सुन लिया। उन्होंने चुपके से ये सूचना अमृता को दे दी कि मारुति कुछ लोगों के ज़रिये प्रणय पर हमला करवाने की साज़िश रच रहा है। इसके बाद अमृता और उसकी मां ने मिलकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि प्रणय की जान को मारुति से खतरा है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली और कार्रवाई करने का दिलासा दे दिया।

प्रेगनेंसी के दौरान अमृता के रुटीन चेकअप के लिए प्रणय उसे अस्पताल ले आता जाता था। इस बीच कुछ लोग उस इलाके और दोनों की एक्टिविटी की रेकी कर रहे थे। हत्यारे उन दोनों पर लगातार नज़र रख रहे थे और दोनों को इस बात की भनक तक नहीं लगी। पिछले साल 14 सितंबर 2018 को जब प्रणय और अमृता एक नज़दीकी अस्पताल में चेकअप करवाकर बाहर निकल रहे थे तभी पीछे से एक शख्स ने प्रणय पर भारी और धारदार हथियार से हमला कर दिया।

हत्यारे द्वारा प्रणय के सिर पर इस कदर ज़ोर से वार किया गया कि उसने दम तोड़ दिया। हमले के बाद हमलावर मौके से भाग खड़ा हुआ, जबकि करीब पांच महीने की गर्भवती अमृता दिनदहाड़े हुए इस हमले को देखकर चीखने के बाद बेहोश हो गई।

अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद अमृता को जब होश आया तब उसने अपने पिता मारुति के खिलाफ बयान दिया और प्रणय की हत्या के लिए मारुति और श्रवण को दोषी ठहराया। दूसरी ओर, प्रणय पर हमले का पूरा दृश्य एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ। अमृता के बयान और इस सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस ने मारुति और श्रवण को गिरफ्तार कर लिया।

प्यार और परंपरा की शत्रुता सदियों से चली आई है। लाख कोशिशों के बावजूद परंपरा न तो प्रेम का अंत कर पाती है, न ही उसे अंकुरित होने से रोक पाती है। जाने कैसे ये दुश्मनी है कि लाख यातनाओं के बावजूद न तो प्रेम परंपरा के आगे घुटने टेकता है न ही परंपरा प्रेम का विरोध करना छोड़ती है।

एक ओर तो रुढ़िवादी परंपरा हर पल इसकी हत्या पर उतारू रहती है, वहीं अपनी कहानियों में न सिर्फ इसे जिंदा भी रखती है। जाने क्यों परंपराएं ये नहीं समझ पा रही कि बंदिशें ही प्रेम को परवान चढ़ाती हैं उन्हें अमरता प्रदान करती हैं। प्रेम में वो जाने कौन सा बल है कि प्रेमी प्रेमिकाएं अकेले दम दुनिया की हर सत्ता से बार बार टकराती और उन्हें परास्त करते हैं।

इसी प्रेम के बलबूते अमृता ने अपने प्रेमी को एक नए रूप एक नए आकार में गढ़ा है। सारी सत्ताएं नतमस्तक हो जाती हैं, जब प्रेमिकाएं अपनी प्रेमी का नया अस्तित्व गढ़ती हैं।

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