भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने जब पीटा दारोगा को तो मौके पर मौजूद थीं 2 महिला विधायकों समेत सैकड़ों लोग, आचार संहिता लागू होने के बावजूद टैंट लगाकर की जा रही थी चुनावी सभा…

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के इटावा से भाजपा सांसद प्रत्याशी और आगरा से मौजूदा सांसद रामशंकर कठेरिया और उनके दो विधायकों के इशारे पर एक दारोगा गीतम पाल की पिटाई का मामला सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक इटावा में आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने से जब दारोगा गीतम पाल ने भाजपा नेताओं को मना किया तो भाजपा सांसद प्रत्याशी रामशंकर कठेरिया, दो विधायकों और उनके साथ मौजूद अन्य कार्यकताओं ने दारोगा और कुछ अन्य पुलिसवालों की जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं पीड़ित दारोगा का जबरन मोबाइल भी छीन लिया गया।

बीजेपी नेताओं के हाथों बुरी तरह पिटे दारोगा गीतम पाल का कहना है कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद जब भाजपा सांसद प्रत्याशी रामशंर कठेरिया, दो भाजपा विधायकों और सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम 50—60 गाड़ियां लेकर गुजरा तो हमने अपनी ड्यूटी निभाते हुए उन्हें समझाने की कोशिश की कि आचार संहिता लगी हुई है। मगर सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेताओं ने पुलिस की एक न सुनी और दारोगा समेत कई अन्य पुलिस वालों को जमकर पीटते हुए कहा कि हमें आचार संहिता न सिखाओ। इतना ही नहीं इस दौरान भाजपा नेताओं ने दारोगा का मोबाइल भी छीनकर अपने कब्जे में ले लिया।

बकौल पीड़ित गीतम पाल, भाजपा के इटावा से प्रत्याशी रामशंकर कठेरिया 10 अप्रैल को चुनावी सभा कर रहे थे। 50—60 गाड़ियों के काफिले के साथ उनके साथ तकरीबन 300 लोगों की भीड़ थी। 11 अप्रैल को चुनाव होने थे, इसलिए कायदे से 48 घंटे पहले चुनावी सभा बंद हो जानी चाहिए, मगर ऐसा नहीं किया गया। जब हम चुनावी सभा को रोकने गए तो रामशंकर कठेरिया ने उनके साथ यह बदसलूकी ​की। कठेरिया के समर्थकों ने मेरा फोन छीन लिया और सरेआम जमकर पिटाई की।

इस मामले में इटावा से बीजेपी प्रत्याशी और मोदी कैबिनेट में मंत्री रहे राम शंकर कठेरिया तथा पार्टी के दो विधायकों समेत 30 लोगों के खिलाफ दारोगा और अन्य पुलिसकर्मियों की पिटाई करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है।

भाजपाइयों के हाथों पिटे पुलिसवालों के मुताबिक राम शंकर कठेरिया परथरा इलाके में बिना अनुमति के जनसभा कर रहे थे। मौके पर मौजूद दारोगा गीतम पाल ने जब इस सभा का विरोध किया और सभा का वीडियो बनाने लगा तो इसे अपनी तौहीन समझ राम शंकर कठेरिया और उनके समर्थकों ने दारोगा और उसके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों की जमकर पिटाई की।

बकौल पीड़ित दारोगा भाजपा नेताओं ने उनकी सर्विस रिवॉल्वर भी छीनने की कोशिश की थी।

वहीं इस मामले में सफाई देते हुए मोदी के पूर्व कैबिनेट मंत्री राम शंकर कठेरिया का कहना है कि वो परथरा में सभा नहीं कर रहे थे, बल्कि उन्हें देखकर इलाके की भीड़ जमा हो गई थी। साथ ही यह भी कहा कि मैं जहां भी जाता हूं 100 से 200 लोगों की भीड़ यूं ही जमा हो जाती है। गौरतलब है कि राम शंकर कठेरिया एससी-एसटी आयोग के चेयरमैन भी हैं।


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