Last Update On : 24 09 2018 01:58:49 PM

कुछ दिन पहले श्वेता भट्ट ने सोशल मीडिया पर पुलिस रिमांड से पति संजीव भट्ट के गायब होने की दी थी जानकारी, जताई थी किसी अनहोनी की आशंका

जनज्वार। मोदी की नीतियों के खिलाफ कहे जाने वाले पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट ने पुलिस पर फिर से आरोप जड़ा है कि उनके पति संजीव भट्ट को वकालतनामा साइन नहीं करने दिया जा रहा।

गौरतलब है कि 16 सितंबर को श्वेता ने संजीव भट्ट की पुलिस कस्टडी से गायब होने की बात कही थी, उन्होंने कहा था कि वह आखिरी बार उनसे तब मिलीं थी जब पुलिस ने संजीव भट्ट को 5 सितंबर को हिरासत में लिया था।

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एनडीटीवी आॅनलाइन में प्रकाशित एक खबर में कहा गया है कि पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट पुलिस रिमांड में हैं। उनकी पत्नी श्वेता भट्ट ने आरोप लगाया है कि पुलिस उन्हें वकालतनामा साइन नहीं करने दे रही है।

पुलिस ने पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट को 22 साल पहले अफीम तस्करी के नाम पर किसी की झूठी गिरफ्तारी के एक मामले में रिमांड पर लिया है। संजीव भट्ट और 7 अन्य को 22 साल पुराने मामले में कथित तौर पर मादक पदार्थ रखने के मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के संबंध में पूछताछ करने के लिए पहले हिरासत में लिया गया था। क्राइम ब्रांच के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया संजीव भट्ट की 5 सितंबर की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी।

संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह आरोप पुलिस को कटघरे में खड़ा करते हैं, जिसके लिए गुजरात सरकार से उसे जवाब चाहिए। अगर किसी नागरिक की पत्नी इस तरह के आरोप लगाती है तो राज्य सरकार को बताना होगा कि आखिर क्या चल रहा है। इस मसले पर गुजरात सरकार शुक्रवार तक अपना जवाब दाखिल करेगी। इस मामले की अगली सुनवाई अ4क्‍टूबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रंजन गोगोई व जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच ने इस मसले पर सुनवाई करते हुए कहा कि आमतौर पर आरोपी खुद कोर्ट आते हैं, लेकिन यहां आरोपी की पत्नी आई है, इसलिए हम यहां केस की मेरिट पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं।

गौरतलब है कि संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उनके पति जोकि पूर्व आईपीएस हैं, इस वक्त पुलिस रिमांड पर हैं और उन्हें पुलिस इस दौरान नातो वकालतनामा साइन करने दे रही है और न ही इस केस को कोर्ट में चुनौती देने दे रही है।