Last Update On : 05 10 2018 07:34:53 PM

हाईकोर्ट ने कहा शोएब इलियासी के खिलाफ अपनी पत्नी अंजू इलियासी की हत्या के मामले से जुड़े नहीं हैं पुख्ता सबूत, इसलिए किया जाता है धारा 302 यानी हत्या के मामले में बरी…

वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस विनोद गोयल की पीठ ने आज 5 अक्टूबर को एक अपील मंजूर करते हुये पत्नी की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व टीवी एंकर शोएब इलियासी को हत्या के मामले में बरी कर दिया। इलियासी को 18 साल पहले अपनी पत्नी अंजू की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा हुई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है निचली अदालत द्वारा सुनाया गया आजीवन कारावास का फैसला अटकलों और अनुमानों पर आधारित था। हाईकोर्ट ने कहा कि शोएब इलियासी के खिलाफ अपनी पत्नी अंजू इलियासी की हत्या के मामले से जुड़े पुख्ता सबूत नहीं हैं, इसीलिए धारा 302 यानी हत्या के मामले में शोएब इलियासी को बरी किया जाता है। निचली अदालत से आए फैसले को चुनौती देते हुए शोएब इलियासी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी।

इलियासी को अधीनस्थ अदालत ने 20 दिसंबर 2017 को पत्नी की हत्या करने के लिये दोषी मानते हुए आजीवन कारावास का दंड दिया था। अदालत ने इलियासी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था और मुआवजा के तौर पर अंजू के माता-पिता को 10 लाख रुपये देने को कहा था।

शुरू में इलियासी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 बी (दहेज हत्या) सहित हल्के प्रावधानों के तहत आरोप लगाये गये थे। इसे अंजू की मां रूकमा सिंह और बहन रश्मि सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दिया। हाईकोर्ट ने अगस्त 2014 में आदेश दिया कि पूर्व टीवी निर्माता के खिलाफ हत्या के अपराध के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा चलाया जाए।

शोएब इलियासी के खिलाफ मामला 18 साल से ज्यादा पुराना है। 10 जनवरी 2000 को अंजू की रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी। शोएब इलियासी की पत्नी अंजू इलियासी का खून से सना शव उनके पूर्वी दिल्ली स्थित घर में मिला था। उनके शरीर पर चाकू घोंपे जाने के निशान पाए गए थे। शोएब ने उस वक्त मर्डर की जो कहानी पुलिस को सुनाई, वो बेहद चौंकाने वाली थी।

शोएब ने पुलिस को बताया था कि जब वो घर लौटा तो उनकी अंजू से किसी बात पर कहासुनी हो गई। इस दौरान पहले अंजू ने रिवॉल्वर से खुद को गोली मारने की कोशिश की। उसने रिवॉल्वर छीन लिया तो अंजू ने किचन में जाकर खुद पर चाकू से कई वार किए।

दिल्ली कि एक अधीनस्थ अदालत इलयासी को अपनी पत्नी अंजू की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सज़ा सुनाते हुये कहा था कि उसने अंजू की हत्या इसलिए की क्योंकि उसे यह डर था कि वो उनकी धोखाधड़ी वाली हरकतों और फर्जीवाड़ों को सार्वजनिक कर सकती है। अदालत ने कहा था कि इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड’ शो के दौरान शोएब अपने करियर के चरम पर था और उसे लगता था कि अगर अंजु ने उसकी हरकतों का खुलासा कर दिया तो उनकी कामयाबी की कहानी पर धब्बा लग सकता है।

अदालत ने यह भी कहा था कि शोएब ने दो पासपोर्ट रखे थे, उसने नौकरी के लिए फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी भी की। शोएब और अंजु के रिश्तों में तनाव था और उसका अपनी पत्नी के प्रति सुलूक अच्छा नहीं था।

गौरतलब है कि शोएब और अंजू की मुलाकात साल 1989 में जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई थी, जहां पर दोनों पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। दोनों के ही परिवारों ने उनके रिश्ते का विरोध किया था। लेकिन लंदन में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत दोनों ने 1993 में शादी कर ली। दोनों का निकाह भी हुआ और अंजू ने नया नाम अफसाना रख लिया।

अंजू और शोएब अक्टूबर 1994 तक लंदन में ही रहे। जब दोनों देश लौटे तो अंजू ने सुहेब के साथ रहने से इनकार कर दिया और छह महीने बाद लंदन में अपने भाई के पास वापस चली गई। अप्रैल 1994 में शोएब लंदन गया और एक महीने बाद दोनों साथ भारत लौटे। 1995 में अंजू ने बेटी आलिया को जन्म दिया।

लंदन में रहने के दौरान ही शोएब को ‘इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड’ का आइडिया आया जो कि ब्रिटिश शो क्राइमस्टॉपर्स से प्रेरित था। शुरुआत में कुछ पायलट एपिसोड्स में अंजू ने इस शो को एंकर किया, लेकिन मार्च 1998 में जब शो ऑन एयर हुआ तो शोएब इलियासी इसका एंकर बन गया। अंजू फिर से इलियासी को छोड़कर अपनी बहन के पास कनाडा चली गई।

शोएब इलियासी अक्टूबर 1998 में अंजू को मनाने कनाडा गया। इलियासी ने अपनी सॉफ्टवेयर फर्म को बदलकर आलिया प्रोडक्शन कर लिया और इस प्राइवेट कंपनी में 25 फीसदी शेयर अंजू के नाम कर दिए। अंजू फरवरी 1999 को वापस देश लौटी और उसने पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में एक फ्लैट खरीदा, जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ थी।

दिसंबर 1999 में अंजू और शोएब इस फ्लैट में शिफ्ट हो गए। दोनों ने प्लान किया था कि नए फ्लैट में 16 जनवरी को अंजू का 30वां बर्थडे मनाया जाएगा और एक ग्रैंड पार्टी भी दी जाएगी। ऐसा कुछ हो पाता इससे पहले ही 10 जनवरी 2000 को अंजू की रहस्यमय हालत में मौत हो गई। पहले तो सालों तक इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन बाद में ये हत्या साबित हुआ और 20 दिसंबर 2017 को दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने शोएब इलियासी को पत्नी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई। तब से इलियासी तिहाड़ जेल में बंद है।

किसी ने भी नहीं सोचा था कि अपराध और अपराधियों को देश के सामने उजागर करने वाला शोएब इलियासी खुद कभी एक अपराधी बन जायेगा और उसे अपनी ही पत्नी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई जाएगी, मगर अब हाईकोर्ट से शोएब को मिली राहत ने अंजू हत्याकांड को फिर एक बार एक नये मोड़ पर ला खड़ा किया है।