Last Update On : 12 10 2018 06:04:05 PM
अनशन से पहले प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को अनशन स्थल से उठाकर ले जाती पुलिस

अस्पताल जाने के 24 घंटे के भीतर हुई मौत के बाद लगातार उनके समर्थक सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे हुई मौत, जीडी अग्रवाल की मौत को मान रहे संदेहास्पद और जीडी अग्रवाल का सहयोगी मातृ सदन साफ कह रहा है हत्या

जनज्वार, हरिद्वार। आप खुद देखिए प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के वीडियो को और तय कीजिये कि 110 दिन से उत्तराखंड के हरिद्वार में अनशन पर बैठा व्यक्ति जब इतना स्वस्थ्य हो सकता है तो 111वें दिन एकाएक मौत कैसे हो सकती है।

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यह वीडियो कल दिन के 1 बजे हरिद्वार स्थित मातृ सदन आश्रम का है, जहां जीडी अग्रवाल मीडिया से बात कर रहे हैं। मीडिया को वह बहुत साफ बता रहे हैं कि उनको डॉक्टर और दवा की कोई जरूरत नहीं है। वह बताते हैं कि मैं स्वस्थ्य हूं और कल को मुझे लगा कि मैं कमजोर या बीमार हूं, तो मैं खुद डॉक्टर को दिखा सकता हूं। पुलिस की गिरफ्तार और इलाज मेरे संवैधानिक अधिकारों का हनन है और मैं पूरी क्षमता से विरोध करूंगा।

वीडियो से साफ है कि गंगा के लिए विधेयक बनाने की मांग के साथ 22 जून से अनशन पर बैठे प्रोफेसर जीडी अग्रवाल पूर्ण चेतना और होशो हवास में यह बातें कहीं। ऐसे में सवाल है कि राज्य सरकार ने उनकी गिरफ्तारी का क्यों आदेश दिया। आखिर क्यों उनको अस्पताल ले गया प्रशासन, क्या जरूरत थी एक स्वस्थ्य आदमी को ताक़तपूर्वक दवा देने की।

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ये सब कुछ सवाल हैं जो सरकारऔर प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करते हैं। साथ ही जीडी अग्रवाल के सहयोगियों के संदेह को आधार भी दे रहे हैं कि जीडी अग्रवाल की डीएम, तहसीलदार और सीओ ने हत्या की है?

मातृ सदन के अध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने पहले ही जीडी अग्रवाल की मौत की आशंका जता दी थी। उन्होंने उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाने वाले पुलिसकर्मियों को भी इस बारे में चेताया था।