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बोले रविशंकर अयोध्या मुसलमानों का धार्मिक स्थल नहीं, मुस्लिमों को इस पर से अपना दावा छोड़ पेश करनी चाहिए एक मिसाल, वैसे भी इस्लाम विवादित जमीन पर इबादत करने की नही देता इजाजत…

जनज्वार। अपने नाम के आगे दो श्री लगाकर दुनिया में प्रेम परोसने का नाटक करने वाले अरबपति बाबा रविशंकर कब दंगाइयों के एजेंट बन गए यह पता ही नहीं चला।

अब हालत यह है कि वह किसी टपोरी सांप्रदायिक नेता की भाषा बोलने लगे हैं और देश की कानून व्यवस्था को हिंदू सांप्रदायिकता की आड़ में धमकाने लगे हैं।

आर्ट आफ लिविंग के मुखिया रविशंकर ने दो दिन पहले एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि अगर भारत में राममंदिर नहीं बनने दिया गया तो भारत सीरिया बन जाएगा। दक्षिण अमरिकी देश सीरिया में इस समय बहुत खूनी माहौल है, पूरा देश आपस में मर—कट रहा है। वहां हालात गृहयुद्ध जैसे हैं।

पर सीरिया को इस हालत में मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन आईएसआईएस ने पहुंचाया है। बाद में इसमें सरकार और विद्रोही संगठन कूद पड़े। अबतक सीरिया में 5 लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

ऐसे में सवाल यह है कि भारत में आईएसआईएस की भूमिका कौन संगठन निभाएगा, क्या वह आरएसएस होगा। क्योंकि आरएसएस और उसके आनुषांगिक संगठन ही हैं जिन्होंने पहले 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस किया, फिर पूरे देश को मंदिर—मस्जिद के नाम पर पूरे देश को हिंदू—मुस्लिम की बुनियाद पर राजनीति करते रहे।

रविशंकर ने कहा, अयोध्या मुसलमानों का धार्मिक स्थल नहीं है। मुस्लिमों को इस पर से अपना दावा छोड़कर एक मिसाल पेश करनी चाहिए। वैसे भी इस्लाम विवादित जमीन पर इबादत करने की इजाजत नहीं देता।

गौरतबल है कि रविशंकर ने साफ कहा था कि अगर अयोध्या मसला समझौते से हल नहीं हुआ तो देश में गृह युद्ध और सीरिया जैसा माहौल हो सकता है। रविशंकर ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लिखे खत में इस तरह उन्हें आगाह किया है। सीरिया के उदाहरण पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद रविशंकर ने ओवैसी को मूर्ख करार दिया था।