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कहा भारत—नेपाल के बीच सदियों से है गहरा रिश्ता, नहीं आने देंगे दोनों देशों के बीच किसी तरह की दरार

बलरामपुर से फरीद आरजू की रिपोर्ट

भारत नेपाल सीमा विवाद सुलझाने और सीमा पर बढ़ रहे अतिक्रमण को हटाने सहित आपसी सहयोग बढ़ाने के लिये दोनों देशों के बीच आम सहमति बन गयी है। इस कार्यवाही को अमली जामा पहनाने के लिये आज दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक एसएसबी ग्रुप सेंटर में हुई, जिसमें नेपाल के 6 जिलाधिकारी और भारत के 5 जिलाधिकारी शामिल हुए।

भारत के नोडल अधिकारी बनाये गए बलरामपुर के जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने इसकी जानकारी देते हुए आज 8 जनवरी को बताया कि भारत और नेपाल दोनों देश जल्द ही सीमा पर जर्जर हो चुके स्तम्भों के पुनर्निर्माण और सीमा पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को हटाने के लिये कार्यवाही शुरू करेंगे। भारत नेपाल सीमा सर्वेक्षण करने वाली टीम उत्तराखंड से बलरामपुर पहुँच चुकी है।

डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि भारत नेपाल सीमा पर होने वाले कार्य को 3 हिस्सों में बांटा गया है। प्रथम चरण में भारत नेपाल सीमा पर जर्जर हो चुके स्तम्भों का चिन्हीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में चिन्हित स्तम्भों के पुनर्निर्माण का काम किया जायेगा। उसके बाद नो मेंस लेंड जहाँ पर अतिक्रमण है, उन स्थानों पर अतिक्रमण हटाया जाएगा।

इस कार्य मे एसएसबी, लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के साथ—साथ नेपाल पुलिस की मदद ली जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में भारत नेपाल सीमा की न सिर्फ समस्याएं खत्म होंगी, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों की डोर मजबूत होगी।

नेपाल के नोडल अधिकारी हरि प्रसाद मैनाली ने नेपाल में भारतीय नागरिकों और जवानों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर खेद जताते हुए भरोसा दिलाया कि भारत के किसी भी नागरिक या जवान के साथ नेपाल में दुर्व्यवहार नही होने दिया जाएगा और इन मामलों की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

नेपाल की तरफ से आश्वासन दिया गया कि दोनों देशों के बीच सदियों से गहरा रिश्ता रहा है, उस रिश्ते में किसी भी तरह की दरार नहीं आने दी जायेगी।