Last Update On : 24 06 2018 06:10:15 PM
हत्यारोपी मेजर और मृतका शैलजा द्विवेदी

कल सेना में मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा द्विवेदी की सनसनीखेज तरीके से गला रेतकर की गई हत्या के बाद दिल्ली के छावनी इलाके से लाश हुई थी बरामद

मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने किया महिला के पति के साथी मेजर का पीछा तो स्वीकारा उसी ने किया है शैलजा का कत्ल

दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के छावनी इलाके में कल 23 जून को बरार स्क्वायर के पास सेना के मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा द्विवेदी की सनसनीखेज तरीके से की गई हत्या में पुलिस ने हत्यारे को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। हत्यारा सेना में ही मेजर और शैलजा के पति अमित द्विवेदी का साथी है। मेजर अमित द्वारा पत्नी के किसी अन्य मेजर के साथ प्रेम प्रसंग चलने की बात का खुलासा करने के बाद पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर हत्यारोपी की तलाश की थी।

गौरतलब है कि अमित द्विवेदी ने शैलजा की हत्या का पहला शक अपने साथी मेजर निखिल राय हांडा पर जताया था,​ जिसके बाद आरोपी मेजर को पुलिस ने मेरठ कैंट इलाके से गिफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक हत्यारे का नाम निखिल हांडा है और वह भी सेना में मेजर है। पुलिस का कहना है कि अमित और निखिल दीमापुर में साथ—साथ तैनात थे और वहीं पर इनकी एक दूसरे से जान-पहचान हुई थी। अमित के साथ ही निखिल की शैलजा से भी बातचीत शुरू हुई।

पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद बताया कि शैलजा कल सुबह 10 बजे आर्मी के बेस अस्पताल में फिजियोथेरेपी कराने आई थी, लेकिन करीब 1 बजकर 28 मिनट पर दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास वरार स्केयर में सड़क पर शैलजा का गला रेता हुआ शव बरामद हुआ, जिसे गाड़ी से बुरी तरह कुचला गया था।

सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से पता चला है कि घटना वाले दिन निखिल शैलजा को अपनी होंडा सिटी कार में बैठाकर कहीं ले गया था और उसके बाद गला रेतकर उसकी हत्या कर फरार हो गया था।

कल रातभर जब पुलिस निखिल का पीछा कर रही थी, तो वह अपनी लोकेशन बदल रहा था, आखिरकार उसको मेरठ से गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमित द्विवेदी कुछ ही दिनों में यूएन मिशन में सूडान जाने वाला था और पत्नी शैलजा भी उसके साथ जाने वाली थी। अमित द्विवेदी फिलहाल दिल्ली ट्रेनिंग के लिए आए हुए थे। अमित की शादी शैलजा से 2009 में हुई थी और उनका एक 6 साल का बेटा भी है।

शैलजा गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में 5 साल लेक्चरर भी रह चुकी हैं। कैच एंड केयर एनजीओ के साथ भी काम करते हुए, गरीब बच्चों को भी फ्री में पढ़ाती थी। अर्बन प्लानिंग में एमटेक कर चुकी 35 साल की शैलजा मूल रूप से अमृतसर की रहने वाली थी।