पुलिस द्वारा पेड़ पर बांधकर पीटे गए दलित युवक उमेश सोलंकी के अंदरूनी हिस्सों में आई हैं गहरी चोटें

गुजरात के दलित भाइयों से अपील की भाजपा के शासन में हो रहे हर एक अत्याचार का 2019 में जवाब दिया जाए और हमारे इस बेगुनाह भाई पर हमला करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाए…

जिग्नेश मेवानी, गुजरात के वडगाम विधानसभा क्षेत्र से विधायक

अहमदाबाद शहर के कागडापिठ पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों ने उमेश सोलंकी नाम के दलित युवक को पेड़ के साथ बांधकर तब तक मारा की जब तक वह बेहोश न हो जाए।

हमें याद है कि मोदीजी ने ऊना के वक्त कहा था कि मारना है तो मुझे मारो, मेरे दलित भाइयो को मत मारो।

पूरे गुजरात के दलित भाइयों से अपील की भाजपा के शासन में हो रहे हर एक अत्याचार का 2019 में जवाब दिया जाए और हमारे इस बेगुनाह भाई पर हमला करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाए। यदि दलित समाज का यह व्यक्ति किसी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो, तब भी पुलिस का कोई अधिकार नहीं बनता की वह इस प्रकार कानून अपने हाथ में ले।

गुजरात पुलिस द्वारा पेड़ पर बांधकर दलित युवक को बेरहमी से पीटा, तो अंदरूनी हिस्सों पर आईं इतनी ज्यादा चोटें

2 दिन पहले की अहमदाबाद शहर में एक मुस्लिम समाज के हमारे भाई की कस्टडी में हत्या कर दी गई। कुछ महीनों पहले शहर के छारा नगर के छारा समाज के लोगों के घरों में घुसकर पिटाई की थी और दर्ज़नों लोगों के हाथ—पैर तोड़ दिए थे और उसके भी 3 महीने पहले अहमदाबाद के भुदरपुरा इलाके में घर में घुसकर दलित बहनों तक को मारा-पीटा था। बावजूद उसके आज तक एक भी पुलिसकर्मी को सस्पेंड तक नहीं किया गया।

सभी फोटो और वीडियो जिग्नेश मेवानी के फेसबुक से

सारे दलित कार्यकर्ता और संगठनों से अपील है कि इन चारों घटनाओं के खिलाफ एकजुटता दिखाकर एक आंदोलन का काल दिया जाए। बिना लड़े कुछ हासिल होनेवाला नहीं – न रोटी, न आत्मसम्मान।

Posted by Jignesh Mevani on Friday, December 7, 2018