Last Update On : 25 04 2018 07:58:00 PM

सीए करके क्या करोगी तुम, बड़े से बड़ा अधिकारी मेरे कदमों में पड़े रहते हैं, तुम तो शिक्षिका बनो। मैं तुम्हें गुरुकुल में शिक्षिका लगा दूंंगा। इसके बाद मैं तुम्हें प्रिंसिपल भी बना दूंगा। अभी तुम पर भूत का साया है, तुम रात को वापस आओ, तुम्हारा भूत उतारूंगा…

जोधपुर की विशेष अदालत ने आज 25 अप्रैल को नाबालिग लड़की से बलात्कार मामले में कथित संत बापू आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई है, और उसके दो अन्य साथियों को 20—20 साल के कारावास की सजा मिली है। हालांकि नाबालिग से बलात्कार मामले में 5 आरोपी थे, मगर दो लोग बरी हो चुके हैं।

जोधपुर की एससी-एसटी अदालत के जज मधुसूदन शर्मा ने आसाराम को पॉक्सो, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर आसाराम को 5 साल पहले गिरफ्तार किया गया था।

आसाराम को अदालत ने दिया बलात्कारी करार हुई उम्रकैद की सजा, अन्य दो को 20-20 साल का कारावास

पीड़ित लड़की जोकि मध्य प्रदेश में आसाराम के छिंदवाड़ा आश्रम में कक्षा 12वीं में पढ़ती थी, ने पुलिस चार्जशीट में जो दर्ज कराया, वो हम यहां दे रहे हैं। पुलिस के सामने उसने जो उसके साथ हुआ, वह दर्द बयां किया।

नाबालिग लड़की ने कहा ‘आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने के दौरान अचानक एक दिन मुझे चक्कर आया। मेरी हॉस्टल वार्डन शिल्पी ने मुझे बताया कि मेरे ऊपर भूत-प्रेत का साया है। शिल्पी ने कहा कि इस बारे में वह आसाराम से बात करेगी, क्योंकि भूत—प्रेत वही ठीक कर सकते हैं। सात अगस्त को वार्डन ने मेरे घर पर फोन किया और मेरे परिवार वालों को बताया कि मेरी तबियत ठीक नहीं है। इसके बाद मेरे परिवार वाले 9 अगस्त को मुझे लेने के लिए हॉस्टल आए। उस समय वॉर्डन ने परिवार वालों को बताया कि मेरे ऊपर भूत-प्रेत का साया है। शिल्पी ने मेरे घर वालों को बताया कि उसने मेरी तबियत के बारे में आसाराम से बात की है।

हॉस्टल की वार्डन शिल्पी ने मेरे घरवालों को बताया कि आसाराम ने मुझे जल्दी से जल्दी उनके पास लाने के लिए कहा है। मेरे पिता को पता चला कि आसाराम 12 अगस्त को दिल्ली में होंगे। हम 13 अगस्त को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पहुंचने पर हमें पता चला कि वह जोधपुर में हैं। आसाराम के एक अहम सेवादार ने हमें जोधपुर आने के लिए कहा और 14 अगस्त 2013 को हम जोधपुर के समीप मनाई गांव में आसाराम के आश्रम पहुंच गए।

पीड़ित लड़की ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया, आसाराम का एक सहयोगी मुझे और मेरे माता—पिता को उसके पास ले गया। यहां पर आसाराम ने अपनी कुटिया दिखाई और खाने के लिए प्रसाद दिया। आसाराम ने मुझसे कहा, हम तुम्हारा भूत उतार देंगे, तुम कौन सी क्लास में पढ़ रही हो। तो मैंने कहा कि मैं सीए करना चाहती हूं।

आसाराम ने कहा, सीए करके क्या करोगी तुम, बड़े से बड़ा अधिकारी मेरे कदमों में पड़े रहते हैं, तुम तो शिक्षिका बनो। मैं तुम्हें गुरुकुल में शिक्षिका लगा दूंंगा। इसके बाद मैं तुम्हें प्रिंसिपल भी बना दूंगा। अभी तुम पर भूत का साया है, तुम रात को वापस आओ, तुम्हारा भूत उतारूंगा। ठीक है बापू कहते हुए पीड़िता वहां से चली गई।

अगली रात यानि 15 अगस्त 2013 को आसाराम ने हमें अपनी कुटिया में सत्संग के लिए बुलाया। उसने पहले मेरे मम्मी-पापा से बात की और इसके बाद उन्हें गेट के पास बैठने और जप करने के लिए कहा। आसाराम ने कहा कि थोड़ी देर जप करने के बाद दोनों वहां से जा सकते हैं।

आसाराम ने मुझे कुटिया के पीछे चबूतरे पर बिठा दिया और फिर रसोइये ने मुझे पीने के लिए एक गिलास दूध दिया। मेरे दूध पीने के बाद उसने मेरे माता-पिता को वहां से जाने के लिए कह दिया। थोड़ी देर बाद पापा वहां से चले गए, लेकिन मम्मी वहीं बैठी रहीं।

पीड़िता आगे कहती है, ‘थोड़ी देर बाद आसाराम सामने के दरवाजे से कमरे में गया और लाइट बंद कर दी और मुझे पिछले दरवाजे से अंदर बुलाया। इसके बाद वह मेरे पास आकर बैठ गया और मुझसे बातें करने लगा। बातचीत के बाद उसने मुझसे कहा कि मैं जाकर बाहर देखूं कि मेरे माता-पिता क्या कर रहे हैं। मैंने आकर बताया कि मेरे पिता चले गए हैं, जबकि मां बाहर बैठी हुई है। इतनी बात करने के बाद आसाराम ने अंदर से कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और मेरे साथ अश्लील, गंदी—गंदी हरकत करने लगा। जब मैंने चिल्लाना शुरू किया तो उसने मेरे माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी और मेरा मुंह बंद कर दिया।

उस रात नरक से भी बदतर झेली अपनी यातना के बारे में बताते हुए नाबालिग लड़की ने बताया, ‘जबरन मुंह बंद कर और मां—बाप को मारने की धमकी देने के बाद आसाराम ने मुझे किस किया और पूरे शरीर को छूने लगा। आसाराम मुझसे ओरल सेक्स करने के लिए जबर्दस्ती करने लगा। जब वह मेरे साथ यह हरकतें कर रहा था, उसके शरीर में कोई कपड़ा नहीं था। उसने जबर्दस्ती मेरे कपड़े उतार दिए और मैं चीखती-चिल्लाती रही। वहां मेरी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। बावजूद इसके आसाराम ने फिर से मेरा मुंह बंद कर दिया। वह एक घंटे से भी ज्यादा समय तक मेरा बलात्कार करता रहा। जब मैं कमरे से बाहर जाने लगी तो उसने धमकाया कि मैं इसके बारे में किसी को न बताउं, नहीं तो बहुत बुरा अंजाम भुगतना होगा। मेरे मां—बाप को मारने की धमकी दी।’

पीड़ित नाबालिग लड़की की इसी शिकायत पर पुलिस ने आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार किया था और 1 सितंबर 2013 को उसे जोधपुर लेकर आई।