Last Update On : 06 12 2018 10:20:24 AM
एचआईवी पीड़ित महिला द्वारा कूदकर आत्महत्या करने के बाद 36 एकड़ की झील का पानी खाली करते ग्रामीण

ग्रामीणों ने कहा वे उस झील का पानी तब तक इस्तेमाल नहीं करेंगे, जब तक इसमें ताजा पानी नहीं भर जाता। लोग पाइप लगाकर झील का खाली कर रहे हैं….

जनज्वार। दिन—ब—दिन एचआईवी एड्स की घटनाएं सामने आती जा रही हैं, हालांकि व्यापक पैमाने पर प्रचार के बाद लोगों में जागरुकता आई है, मगर अभी भी पढ़ा—लिखा तबका तक इस बीमारी को लेकर अज्ञानता में डूबा हुआ है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कर्नाटक के हुबली जिले के मोराब गांव में HIV संक्रमित एक महिला ने झील में कूदकर आत्महत्या कर ली। उसके बाद गांववालों ने पाइप लगाकर 36 एकड़ की झील को यह कहते हुए खाली कर दिया कि अगर हम लोग यह पानी पीएंगे तो हमें भी एड्स हो जाएगा। इसमें ताजा पानी भरकर ही हम झील का पानी पीएंगे।

ग्रामीणों ने कहा वे उस झील का पानी तब तक इस्तेमाल नहीं करेंगे, जब तक इसमें ताजा पानी नहीं भर जाता। लोग पाइप लगाकर झील का खाली कर रहे हैं।

घटनाक्रम के मुताबिक कर्नाटक के हुबली जिले के मोराब गांव में एचआईवी संक्रमित महिला ने लगभग एक सप्ताह पहले झील में कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या की है। मोराब के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है वे झील में कूदकर जान देने वाली महिला एचआईवी पीड़ित थी।

क्षेत्र के पंचायत विकास अधिकारी बी नागराज कुमार कहते हैं, ‘तीन दिन तक लापता रहने के बाद 29 नवंबर को कथित एचआईवी पीड़ित महिला का शव झील में तैरता नजर आया था। वह पूरी तरह सड़ा हुआ और फूल चुका था। उसके बाद ग्रामीणों ने शिकायत की है कि जब तक झील में ताजा पानी नहीं भरा जाएगा, वह इस पानी का इस्तेमाल नहीं करेंगे

हालांकि एचआईवी पीड़ित महिला द्वारा झील में कूदकर आत्महत्या करने की घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बी सतीश ने मौके पर पहुंच लोगों को समझाने की खूब कोशिश की कि एचआईवी संक्रमण कभी भी इस तरीके से नहीं फैलता। पानी की इतनी ज्यादा किल्लत है, हमें पानी का इस तरीके से फेंककर दुरुपयोग नहीं करना चाहिए, मगर ग्रामीण किसी बात को समझने को तैयार नहीं थे। उन्होंने जिद पाल ली कि जब तक झील का पूरा पानी साफ नहीं हो जाता कोई भी उसका इस्तेमाल नहीं करेगा।