Last Update On : 13 01 2018 09:49:00 AM

जजों ने बताया मीडिया को सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा, कैसे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा तानाशाही और मनमानी कर रहे हैं…

दिल्ली। ‘हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद कोई हम पर आरोप लगाए कि चारों वरिष्ठतम न्यायाधीशों ने अपनी आत्मा बेच दी थी, इसलिए हमने मीडिया से बात करने का फैसला किया। भारत समेत किसी भी देश में लोकतंत्र को बरकरार रखने के लिए यह जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था सही ढंग से काम करे।’

यह बात उच्चतम न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम जस्टिस चेलामेश्वर ने कही। जस्टिस चेलामेश्वर उन जजों में शामिल हैं, जिन चार जजों ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ मीडिया के सामने अपनी आवाज बुलंद की। मीडिया के सामने वो सारी बातें रखीं जिन पर चीफ जस्टिस ने उनको नहीं सुना। इन चारों जजों के मीडिया से मुखातिब होने की मुख्य वजह जस्टिस लोया की मौत का मसला था, जिस पर दीपक मिश्रा ने कोई सुनवाई नहीं की थी।

सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ जजों ने प्रेस कांफ्रेंस करके देश को बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रेस कांफ्रेंस में जस्टिस चेलामेश्वर ने बताया कि कैसे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा तानाशाही और मनमानी कर रहे हैं। जजों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट के जजों ने आज पलट दिया इतिहास, मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ मीडिया के सामने बुलंद की आवा

कांफ्रेंस करने वालों न्यायधीशों में जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे। उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्राशासनिक कार्य ठीक से नहीं हो रहा है। ये चार जज शुक्रवार सुबह चीफ जस्टिस से मिले थे और अपना विरोध दर्ज कराया था है। प्रेस कॉन्‍फ्रेंस जस्टिस जे चेलामेश्वर के घर पर आयोजित की गई थी।

केरल और गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके जस्टिस चेलामेश्वर 3 जून 1953 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में जन्मे थे। मद्रास लोयला कॉलेस से भौतिकी विज्ञान में स्नातक जस्टिस चेलामेश्वर नेआंध्र यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद वह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने और 2007 में उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। अक्टूबर 2011 में वह सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे।

यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट जजों में विद्रोह कराने वाली चिट्ठी की मुख्य बातें