लूटपाट और सामूहिक बलात्कार करने के बाद बदमाशों ने पीड़ित दंपती को धमकाया कि वे पुलिस के पास न जाएं। अगर उन्होंने ऐसा किया तो कोई भी उनकी बात नहीं सुनेगा, क्योंकि वे इस जगह में काफी प्रभावशाली हैं और कोई भी उनकी बात नहीं सुनेगा…

जनज्वार। आखिर किस विकृत समाज में जी रहे हैं हम जहां हत्याओं, बलात्कारों, मॉब लिंचिंग की खबरों से रोज अखबार पटे रहते हैं। एक ऐसी ही शर्मनाक घटना महाराष्ट्र के सांगली में सामने आई है जहां इंसानियत को शर्मसार करते हुए 8 दरिंदों ने 8 महीने की गर्भवती महिला से सामूहिक बलात्कार किया।

एनडीटीवी में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक महाराष्ट्र के सांगली स्थित सतारा की रहने वाली आठ महीने की गर्भवती महिला के साथ आठ व्यक्तियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। जब उन्होंने इस दुष्कर्म को अंजाम दिया तब पीड़िता अपने पति के साथ थी। दरिंदों ने पति को गाड़ी में बंद कर यह कुकृत्य किया।

घटनाक्रम के मुताबिक मंगलवार 31 जुलाई की सुबह छह बजे 20 वर्षीय गर्भवती महिला अपने होटल मालिक पति के साथ तासगांव के तुर्चि फाटा में एक बिजनैस मीटिंग में गई थी। उसी दौरान उसके साथ 8 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया।

मामले की जांच कर रही तासगांव पुलिस के मुताबिक पीड़ित महिला का पति अपने होटल के कामकाज के लिए एक दम्पति की तलाश में था। बलात्कार के आरोपी मुकुंद माने ने पुलिस जांच में स्वीकारा कि महिला के पति को फोन कर कहा कि वह एक ऐसे कपल को जानता है, जो उनके होटल में काम करने के लिए तैयार है। उसने होटल के काम के बहाने दोनों पति—पत्नी को तुर्चि फाटा बुलाया, साथ ही 20,000 रुपये एडवांस लाने के लिए भी कहा।

पुलिस के मुताबिक जब होटल कारोबारी और उनकी पत्नी माने द्वारा बतायी गई जगह पर पहुंचे तो बलात्कार आरोपी मुकुंद माने और उसके आदमियों ने होटल कारोबारी को बुरी तरह पीटा और महिला ने जो सोने के गहने पहने थे उसके अलावा नकदी भी लूट लिया।

इसके बाद बदमाशों ने होटल व्यवसायी को बंधक बना वाहन के अंदर बंद कर दिया और फिर गर्भवती महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया। गैंगरेप और लूटपाट के बाद आरोपी वहां से को भाग गए।

लूटपाट और सामूहिक बलात्कार करने के बाद बदमाशों ने पीड़ित दंपती को धमकाया कि वे पुलिस के पास न जाएं। अगर उन्होंने ऐसा किया तो कोई भी उनकी बात नहीं सुनेगा, क्योंकि वे इस जगह में काफी प्रभावशाली हैं और कोई भी उनकी बात नहीं सुनेगा।

घटना के बाद होटल व्यवसायी और उनकी बलात्कार पीड़ित पत्नी ने तासगांव पुलिस स्टेशन तक पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई। महिला ने प्राथमिकी में आठ में से चार आरोपियों मुकुंद माने, सागर, जावेद खान और विनोद का नाम दर्ज कराया है। घटना के लगभग 48 घंटे बाद भी पुलिस द्वारा किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।

इस जघन्य कांड की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट मांगी। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने सांगली के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर व्यक्तिगत रूप से मामले की जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है।