प्रतीकात्मक फोटो

पहले से ही 7 बेटियों की मां और 2 बार गर्भपात करवा चुकी महिला को एक बार फिर से गर्भधारण इसलिए करना पड़ा क्योंकि ससुराल वालों को बेटे की तीव्र चाहत थी और यह चाहत उसने अपनी जान देकर चुकाई…

जनज्वार। कौन से समाज में जी रहे हैं हम यह समझ से परे है। एक तरफ लड़का—लड़की समानता के तमाम दावे किये जाते हैं, विश्व स्तर पर डंके बजते हैं, मगर कहीं कोई मासूम से लेकर 80 सान की बुढ़िया तक बलात्कार का शिकार होती है तो कहीं बेटे की चाहत में औरत को बच्चा जनने की मशीन बना दिया जाता है।

न जाने कब पुरुष वर्चस्ववादी समाज थोड़ा औरत बनेगा, क्योंकि ताकतवर औरत भी इस समाज में पुरुष से कतई कम नहीं है। सही मायनों में देखा जाए तो महिला और जानवर में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है, पुरुष उसे अपनी मर्जी के अनुसार हांकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो ऐसा क्यों होता कि दबाव में एक महिला 10वीं बार बेटे की चाहत में मां बनती, जिसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पडती।

गौरतलब है कि शनिवार 29 दिसंबर को बेटे की चाहत में दसवीं बार बच्चा पैदा करते हुए एक महिला की मौत का मामला महाराष्ट्र के बीड जिले से सामने आया है। एनडीटीवी में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक पहले से ही 7 बेटियों की मां को एक बार फिर से गर्भधारण इसलिए करना पड़ा क्योंकि ससुराल वालों को बेटे की तीव्र चाहत थी और यह चाहत उसने अपनी जान देकर चुकाई।

खबर के मुताबिक पहले से ही सात बेटियों की मां 38 वर्षीय मीरा एखांडे ने दो बार गर्भपात भी करवाया था और इस बार बेटे की चाहत में गर्भधारण किया था। यही बेटे की चाहत उस पर इतनी भारी पड़ गई कि उसके प्राणों के अंत के साथ ही खत्म हुई। गौरतलब है कि मीरा की सात बेटियों में से भी एक की पहले मौत हो चुकी है।

खबरों के मुताबिक मीरा एखांडे ने 10वीं बार गर्भ धारण अपने ससुराल वालों के दबाव में किया था। 10वें बच्चे को जन्म देते वक्त ज्यादा खून बहने से मीरा की मौत हो गई, मगर हां वह अपने ससुराल वालों को वंश जरूर सौंप गई। बच्चे को जन्म देने के बाद मीरा की मौत हो गई, क्योंकि शरीर से काफी खून बह चुका था।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक मीरा बीड जिले के माजलगांव में एक पान की दुकान चलाकर परिवार चलाने में योगदान देती थी। वह और बच्चा नहीं चाहती थी इसलिए उसने दो बार गर्भपात भी करवाया, मगर इस बार 10वीं बार वह गर्भवती इसलिए हुई क्योंकि ससुराल वालों की चाहत उसकी इच्छा पर हावी हो गई।

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक, मीरा एखांडे को शनिवार 29 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उसने एक जिंदा बच्चे को दिया। मां की मौत के बाद भी बच्चा जिंदा है। हमने मीरा एखांडे की आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और महिला का शव उसके परिजनों को सौं दिया है।


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