लेट फीस के नाम पर इतना ज्यादा पैसा लिए जाने को अवैध फीस वसूली कहते हुए 20 नवंबर से छात्र बैठे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर…

जनज्वार, रोहतक। रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले फार्मेसी विभाग के छात्र लेट फीस के नाम पर 5,000 रुपए वसूलने के विरोध में 6 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे गए हैं।

भूख हड़ताल करने वालों में फार्मेसी विभाग से छात्र संदीप, आशा रानी, अनु और बलविंदर हैं तो लोकेश फौरन लैंग्वेज से और नवनीत समाजशास्त्र विभाग से है।

यहां यह इस तरह का कोई पहला मामला नहीं आया है। पिछली मई की परीक्षा के दौरान भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। जसमिंदर नाम के छात्र से जो कि अंग्रेजी विभाग से था, उससे भी विश्वविद्यालय मैनेजमेंट ने लेट फीस के नाम पर 5,000 रुपए मांगे थे।

जब जसमिंदर ने 5 हजार रुपए लेट फीस के नाम पर भर दिए तो उससे और 5000 रुपए की मांग की गई। उसने दोबारा 5,000 रुपए देने से मना कर दिया और भूख हड़ताल का रास्ता अख्तियार किया। 3 दिन की भूख हड़ताल के बाद विश्वविद्यालय को अपनी गलती माननी पड़ी और उससे लेट फीस के नाम पर 5,000 रुपए नहीं लिए गए।

उसी समय ग्रीन पेपर पर कुलपति महोदय ने लिखित में यह आश्वासन भी दिया था कि आज के बाद किसी भी विद्यार्थी से लेट फीस के नाम पर 5,000 की अवैध वसूली नहीं की जाएगी। अगर किसी बच्चे की गलती मिली तो उससे भी बहुत ही कम 50 या 100 ₹ लेट फीस ली जाएगी।

लेकिन अब जबकि दोबारा परीक्षा नजदीक है, बच्चों से लेट फीस के नाम पर वसूली जारी है।

भूख हड़ताल कर रहे फार्मेसी विभाग के छात्रों का कहना है कि हमने दाखिले के समय अपनी प्रोविजनल डिग्री जमा करवा दी थी, लेकिन महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (रोहतक) प्रशासन ने हमें Original marksheet जमा कराने के लिए कहा, जिसकी आखिरी तिथि 28 अगस्त 2018 थी, जबकि गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ने हमारी Original marksheet 15 अक्टूबर 2018 को रिलीज की थी। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ने अब तक DMC नहीं दी है, मगर हम पर 5000 रुपए का जुर्माना लगा दिया गया है। इस विषय में हम अपने विभाग के H.O.D. से भी कई बार मिल चुके हैं, लेकिन उन्होंने हमारी कोई बात नहीं सुनी और बस एक जवाब दिया कि जुर्माना भरना पड़ेगा।

छात्रों का कहना है कि जब हम कुलपति के पीए से मिले तो उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि आप गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से Official letter लिखवा कर ले आओ। हम किसी तरह धक्के खाकर, तीन—चार बार अपना किराया लगाकर वहां से लिखवा कर लाए। मगर OSD ने हमें यह जवाब दिया कि जिसने कहा था उससे माफ करवा लो।

छात्रों का कहना है कि इस घटना के बाद 19 नवंबर को हम लोग कुलपति महोदय से मिले। हमने application दी और जब हमने जवाब मांगा तो उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इससे पहले भी हम जुर्माने के मामले में कई बार अपने विभाग और कुलपति महोदय ऑफिस के चक्कर लगा चुके हैं। हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। जब हमें यह पूर्ण विश्वास हो गया कि हमारी कोई नहीं सुनेगा, क्योंकि किसी ने हमारी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, तो हमने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला लिया है और मंगलवार 20 सितंबर की सुबह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं, हम अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे।

छात्रों की मांगें
1. छात्रों ने विवि प्रशासन से मांग की है कि हमारे रोल नंबर तुरंत प्रभाव से हमें दिए जायें, क्योंकि विश्वविद्यालय में 30 नवम्बर से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।

2. दाखिले के समय छात्रों को एक Recipt दी जाए, जिसमें लिखा हो कि उसने कौन-कौन से दस्तावेज जमा करवाये हैं और कौन से रहते हैं।

3. जिन छात्रों की DMC विश्वविद्यालय द्वारा ही लेट जारी की जाती हैं, उन्हें लेट फीस के लिए परेशान न किए जाए।

4. नाजायज वसूली गई फीस रिफंड की जाए।

5. लेट फीस के नाम पर 5,000 रुपए की वसूली को कम करके 100 से ज्यादा न किया जाए।