Last Update On : 11 09 2018 02:22:26 PM
जनज्वार फाइल फोटो

भीड़ में किसी ने अफवाह फैलाई कि मृतक किसी के पैसे छीनकर भाग रहा था तो तकरीबन 150—200 लोगों ने उसे घेर लिया और इतना ज्यादा मारा कि उसके प्राण पखेरू ही उड़ चले….

जनज्वार, पटना। मॉब लिंचिंग की एक के बाद एक सामने आ रही घटनाओं को देखकर लगता है कि हमारा देश लिंचिंस्तान में तब्दील हो चुका है, जहां मात्र किसी बात का शक होने पर भीड़तंत्र सिर्फ बहकावे में किसी की जान लेने से भी गुरेज नहीं करता।

ताजा मामला बिहार के सीतामढ़ी जिले के रीगा थाने के राननगरा गांव का है, जहां कल रविवार 10 सितंबर को भीड़ द्वारा एक शख्स की जान इसलिए ले ली क्योंकि किसी ने उस पर चोरी का शक जताया था। समाचार एजेंसी एएनआई में प्रकाशित खबर के मुताबिक पीड़ित के परिजनों का कहना है कि यह किस तरह का कानून है कि किसी को पीट-पीटकर मार डालो, क्योंकि आपको लगता है कि वह अपराधी है। लोग अब सड़कों पर मारे जा रहे हैं, लोगों का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठता जा रहा है।

घटना की पुष्टि करते हुए सीतामढ़ी के एसआई सुरेश कुमार ने मीडिया को बताया कि “हमें सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को चोरी के आरोप में पीटा जा रहा है। हम पीड़ित को पटना अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित के परिवार ने कोई केस दर्ज नहीं करवाया है। परिवार ने हमें शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं करवाने दिया।

घटनाक्रम के मुताबिक भीड़ में किसी ने अफवाह फैलाई कि मृतक किसी के पैसे छीनकर भाग रहा था तो तकरीबन 150—200 लोगों ने उसे घेर लिया और इतना ज्यादा मारा कि उसके प्राण पखेरू ही उड़ चले। पुलिस ने 151 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक एक युवक को पीट—पीटकर भीड़ ने इसलिए मार डाला कि किसी ने अफवाह फैलाई कि वह एक पिकअप वैन चालक से रुपये छीनकर मोटर साइकल पर भागने की कोशिश कर रहा है। जबकि मृतक के परिजनों का कहना है कि उसे इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि उसने एक गाड़ी को ओवरटेक किया था, चोरी सिर्फ अफवाह है जो उस ड्राइवर ने फैलाई जिसकी गाड़ी ओवरटेक की थी।

इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारी कुमार वीर धीरेंद्र ने मीडिया को मृतक की पहचान साझा करते हुए बताया कि ग्रामीणों की भीड़ ने रूपेश झा नाम के युवक को जान से मार डाला, हमने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। 151 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मॉब लिंचिंग की घटनाएं तब भी हमारे देश में रुकने का नाम नहीं ले रही हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं कि ऐसी घटनाओं की आशंका मात्र होने पर पुलिस उचित कार्रवाई करे।