पत्नी ने सेक्स के लिए मना कर दिया, तो मर्द के अहं को चोट पहुंची कि एक औरत जो उसके पैर की जूती के बराबर है उसे मना कैसे कर सकती है और इसी अहंकार में उसने बीवी की जान ले ली…

हरियाणा। जो रिश्ता प्रेम और विश्वास की बुनियाद पर खड़ा होना चाहिए, उसमें अविश्वास और घृणा की ऐसी दीवार खड़ी हो गई कि पति ने पत्नी को गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। 11 साल लंबे रिश्ते को खत्म करने में पति ने एक पल भी नहीं लगाया।

कैसा समाज होता जा रहा है हमारा, मामूली सी बातों पर इंसान एक दूसरे की जान लेने पर उतारू हो जाता है। कहीं पति मामूली सी बात पर या फिर किसी और से प्रेम संबंध होने की शक के नाम पर ही पत्नी का कत्ल करता है, तो कहीं पत्नी किसी के साथ मिलकर पति की जान ले लेती है। क्या ये हमारा समाज मानसिक दिवालियापन का शिकार हो गया है। सहनशक्ति तो जैसे न के बराबर है।

ऐसा ही कुछ हुआ हरियाणा के ज्योतिसर में। दंपती के बीच हुई तकरार में पति ने पत्नी का गला घोंटकर उसकी जान ले ली। कारण सिर्फ इतना कि पत्नी ने सेक्स के लिए मना कर दिया, तो मर्द के अहं को चोट पहुंची कि एक औरत जो उसके पैर की जूती के बराबर है उसे मना कैसे कर सकती है और इसी अहंकार में उसने बीवी की जान ले ली।

शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस ने बताया कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के ज्योतिसर क्षेत्र के जोगना खेड़ा गांव के संजीव की 30 वर्षीय बीबी सुमन ने जब सेक्स से मना किया तो संजीव ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। 2006 में विवाहित इस दंपती के दो बच्चे भी हैं। पुलिस के सामने संजीव ने खुद यह बात स्वीकारी कि जब रात को उसकी पत्नी ने सेक्स के लिए मना किया तो उसने गुस्से में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

हालांकि मृतका सुमन के मायके वालों का कहना है कि संजीव ने सुमन की जान अपने अवैध संबंधों के चलते की। संजीव का अफेयर शादी के बाद से अपनी भाई की साली से चल रहा था और जब सुमन से इसको लेकर सवाल उठाए तो उसने उसे मौत की नींद सुला दिया।

घटना की रात को संजीव और सुमन खाना खाने के बाद सोने चले गए थे, सुबह संजीव बिना किसी से कुछ कहे बाहर निकल गया। दिन निकल आने तक जब सुमन नहीं उठी तो परिजन उसे उठाने गए तो देखा सुमन मर चुकी थी।

मृतका सुमन के भाई करनाल निवासी रवि ने पुलिस को बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके जीजा के अवैध संबंध अपने भाई की साली से थे। जब सुमन को इसका पता चला तो उसने इसका विरोध किया। विरोध करने पर संजीव सुमन को खूब मारता—पीटता था। इसे लेकर कई बार पंचायत भी हो चुकी है। कुछ दिन पहले भी सुमन इसी बात से नाराज होकर दो महीने मायके में रहकर आई है, मगर संजीव उसे इस वादे के साथ वापस ले गया था कि आइंदा किसी तरह की गलती नहीं करेगा।

ज्योतिसर चौकी से एएसआई बलबीर सिंह कहते हैं कि इस मामले में सुमन के भाई की शिकायत पर उसके पति संजीव, देवर, ससुर, दादी, देवरानी व उसकी बहन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।

यह तो सिर्फ एक सुमन—संजीव का मामला है। ऐसे दर्जनों मामलों से रोज के अखबार पटे रहते हैं। आखिर कैसा समाज निर्मित होता जा रहा है हमारा।

मनोचिकित्सकों के मुताबिक समाज में बढ़ रही ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण जहां दिन—ब—दिन बढ़ रहा तनाव है, वहीं एक दूसरे से कम होता जा रहा लगाव भी इसके लिए जिम्मेदार है।


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