मध्य प्रदेश में पढ़ना है तो ‘जय हिंद’ कहना होगा

विश्लेषकों की राय में यह सब भाजपा कर रही है सोची—समझी रणनीति के तहत, निकट चुनावों को देखते हुए हिंदू और देशभक्ति की भावना को अपने पक्ष में वोटों के बतौर कैश करने के लिए खेला गया है यह कार्ड…

जनज्वार।  शिवराज सिंह सरकार ने स्कूलों के लिए एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके मुताबिक स्कूली बच्चों के लिए जय हिंद बोलना अनिवार्य कर दिया है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार ने कल 15 मई को जारी अपने एक आदेश में कहा है कि प्रदेश के स्कूलों में अब उपस्थिति के दौरान छात्र-छात्राएं को ‘यस सर—यस मैम’ की बजाय ‘जय हिंद’ बोलना होगा और यह अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।

शिवराज सरकार का कहना है कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि स्कूली बच्चों में देशप्रेम और देशभक्ति की भावना जागृत कराई जा सके। साथ ही यह भी कहा है कि अब तक जहां बच्चे हाजिरी के दौरान ‘यस सर’, ‘यस मैम’ बोलते थे अब सरकारी आॅर्डर के बाद उन्हें सिर्फ ‘जय हिंद’ बोलना होगा।

अभी इस आॅर्डर सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए है। थोड़े टाइम बाद इसके दायरे में प्राइवेट स्कूल भी आएंगे। जिस तरह नए सत्र से मध्य प्रदेश के सभी स्कूली बच्चों को अटैंडेंस के समय ‘यस सर, यस मैम’ नहीं ‘जय हिंद’ कहना अनिवार्य हो गया है, उसी तरह यह फरमान प्राइवेट स्कूलों को भी मानना होगा।

15 मई 2018 को राष्ट्रभक्ति जगाने के लिए बच्चों के लिए ‘जय हिंद’ बोलने वाला जो आदेश जारी हुआ है उसमें स्कूल शिक्षा के उप सचिव मोद सिंह के हस्ताक्षर हैं। इस सर्कुलर में लिखा गया है कि ‘मध्य प्रदेश में 1.22 लाख सरकारी स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों में यह अनिवार्य किया जा रहा है कि जब शिक्षक अटैंडेंस लगाएंगे तो छात्रों को जय हिंद कहना होगा। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है कि छात्रों के अंदर देशप्रेम की भावना जागृत हो।’

गौरतलब है कि ‘यस सर—यस मैम की जगह ‘जय हिंद’ बोलने का फरमान सबसे पहले सतना के स्कूलों के लिए जारी किया गया था। सितंबर 2017 में स्कूलों में ‘जय हिंद’ अनिवार्य करने की शुरुआत सतना जिले से करते हुए शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा था, यदि यह प्रयोग सतना में सफल रहा तो भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अनुमति से इस फरमान को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

भाजपा सरकार के मुताबिक स्कूम में जय हिंद बोलने से बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत होगी। मगर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सब भाजपा एक सोची—समझी रणनीति के तहत कर रही है। हिंदू और देशभक्ति की भावना को अपने पक्ष में वोटों के बतौर कैश करने के लिए यह कार्ड खेला गया है।

अब जबकि देश के ज्यादातर राज्यों में भाजपा की सरकार है तो स्कूलों में ‘जय हिंद’ बुलवाने का उसका यह आदेश फेल होगा, इसकी संभावना कम ही है। वैसे भी भाजपा देशभक्ति के नाम पर वोटों को कैश करने वाली पार्टी के बतौर जानी जाती है।

प्राइवेट स्कूलों में भी जल्द होगा लागू
इस आदेश को हालांकि अभी सिर्फ सरकारी स्कूलों के लिए जरूरी किया गया है।

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय शाह कहते हैं कि जल्द ही इसे प्राइवेट स्कूलों में भी अनिवार्य किया जाएगा। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार के इस आदेश को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 मई को ही मंजूरी दी थी, और 15 मई को इसके बाबत फरमान जारी कर दिया गया।

 


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