Last Update On : 04 11 2018 02:04:02 PM

वर्ष 2012 के संघर्ष में बर्खास्त/ जेल में बंद श्रमिकों के लिए मानेसर प्लांट से ₹2000 प्रति श्रमिक के हिसाब से राशि एकत्रित करके देने का निर्णय लिया गया है…

जनज्वार। मारुति मानेसर, मारुति गुड़गांव व पॉवर ट्रेन में एक समान ₹23800/-(22300+1000 +विविध 500) प्रतिमाह की वेतन वृद्धि तथा ₹3415/- की औसत सुविधाओं में वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर ₹27215/- की मासिक बढ़ोत्तरी हुई है। वृद्धि का 60% हिस्सा बेसिक में जाएगा।

गेट मीटिंग करके यूनियन नेताओं ने बताया कि 3 नवम्बर को तीनो प्लांट की यूनियनों व प्रबंधन के बीच सम्पन्न 3 साल का यह समझौता 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2021 तक के लिए है। जिसका वितरण पहले से तीसरे वर्ष क्रमशः 55%, 25% व 20% होगा।

इसके साथ ही कैजुअल अकुशल श्रमिक के वेतन में 1102 रुपए, अर्ध कुशल, कुशल, व टेंपरेरी वर्क मैन के वेतन में 1674 रुपए, कंपनी ट्रेनी के वेतन में 1980 रुपये, अप्रेंटिस के वेतन में ₹750 मासिक की वृद्धि हुई है। कंपनी ट्रेनी के 1 साल पूरा होने पर ₹9000 की प्रोत्साहन राशि तथा टेंपरेरी वर्कमैन के 7 माह पूरा होने पर ₹5250 की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

वर्ष 2012 के संघर्ष में बर्खास्त/ जेल में बंद श्रमिकों के लिए मानेसर प्लांट से ₹2000 प्रति श्रमिक के हिसाब से राशि एकत्रित करके देने का निर्णय लिया गया है।

यूनियन नेताओं के मुताबिक गिफ्ट ₹5000 से बढ़ाकर ₹9350 हुआ है। लोंग सर्विस अवॉर्ड के तहत 10 साल कार्य पर ₹10000 व 150 ग्राम चांदी, 15 साल कार्य पर ₹15000 और 250 ग्राम चांदी, 20 साल होने पर ₹20000 और 300 ग्राम चांदी, 25 साल होने पर ₹25000 और 350 ग्राम चांदी तथा 30 साल की नौकरी पूरी होने के बाद ₹30000 और 10 ग्राम के सोने का सिक्का मिलेगा।

अवकाश में के तहत 22 छुट्टी तक इंसेंटिव नहीं कटेगा। किसी की मौत पर मिलने वाला अवकाश नौ से बढ़कर 13 दिन हो गया है। मेडिकल सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है, बच्चों के खेलकूद के लिए प्रोत्साहन राशि की शुरुआत हुई है। मिलने वाली अग्रिम राशि ₹20 हजार से बढ़कर ₹1 लाख हो गई है। फैमिली पिकनिक की नई स्कीम शुरू हुई है।

सामूहिक बीमा ₹6 लाख से बढ़कर ₹12 लाख हो गया है। श्रमिक की मृत्यु का मुआवजा ₹15 लाख से बढ़कर ₹20 लाख हो गया है। इसके साथ ही मृत्यु पर परिवार बीमा योजना शुरू हुई है, जिसके तहत ₹5 लाख बीमा होगा। परिवहन सुविधा में भी वृद्धि हुई है। शगुन राशि ₹1500 से बढ़कर ₹5100 हो गई है।

7 माह के लंबे संघर्ष के बाद तीनों प्लांट के इस वेतन समझौते के लिए कर्मचारी एक—दूसरे को बधाई दे रहे हैं।

उम्मीद की जा रही है कि इस समझौते के साथ तीनो प्लांटों की मजदूर यूनियनें स्थाई श्रमिकों के साथ बर्खास्त व अस्थाई श्रमिकों का संघर्ष जारी रखते हुए मज़दूरवर्गीय संघर्ष में अपनी भूमिका अदा करती रहेंगी।