Last Update On : 17 10 2018 06:51:45 PM

20 महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर लगाया था यौन शोषण का आरोप, मोदी सरकार की हो रही थी किरकिरी

जनज्वार। दो दर्जन महिला पत्रकारों द्वारा यौन शोषण लगने के बाद भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री और पूर्व पत्रकार एमजे अकबर पर यौन शोषण के आरोप लगने का सिलसिला थमा नहीं है।

पत्रकार ​प्रिया रमानी से #Metoo कैंपेन के तहत मोदी के केंद्रीय मंत्री पर यौन शोषण लगने का जो सिलसिला शुरू हुआ था वह अनवरत जारी है। मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री रहे पूर्व पत्रकार एमजे अबकर ने अभी थोड़ी देर पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

एमजे अकबर को इस्तीफा इसलिए देना पड़ा है, क्योंकि उन पर 20 भारतीय महिला पत्रकारों ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ​लिखित इस्तीफा सौंपते हुए बताया कि वे अपने उपर लगे झूठे आरोपों के खिलाफ न्यायालय में चुनौती देंगे, इसलिए मैं इस्तीफा दे रहा हूं।

उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि वह सारे मुकदमें व्यक्तिगत तौर पर लड़ेगें और अपने उपर लगे दाग को मिटाएंगे। यौन शोषण के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति हासिल कर चुके एमजे अकबर ने अपने इस्तीफे के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया किया कि उन्होंने एमजे अकबर को विदेश राज्य बनने का मौका दिया।

गौरतलब है कि एमजे अकबर पर यौन शोषण के लगे आरोप पत्रकार और संपादक रहने के दौरान के हैं, नेता और मंत्री बनने के बाद के नहीं।