Last Update On : 10 10 2018 01:14:55 PM
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर

मोदी सरकार के विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर के यौन उत्पीड़क होने को लेकर पहले एक महिला पत्रकार सामने आई, लेकिन अब 5 और महिला पत्रकारों के खुलकर मैदान में आने के बाद उनकी संख्या 6 हो गयी है, जिन्होंने कहा कि पत्रकार रहते हुए एमजे अकबर रहे हैं सीरियल यौन उत्पीड़क

जनज्वार। कामकाजी औरतों के साथ होने वाले यौन दुर्व्यहार के खिलाफ अमेरिका के हॉलीवुड से शुरू हुआ #MeToo कैंपेन अब भारत की सियासत से लेकर मीडिया के सफेदपोशों और बॉलीवुड के बलात्कारियों की खुली चिट्ठी बांच रहा है। इंसानों के भेष में तमाम भेड़िए मठाधीश उन औरतों की जुबान खुलने से कंपकंपा रहे, जिनका यौन शोषण कर भले बने बैठे हैं, दुनिया—जहान के आदर्श हैं।

उनमें से एक नाम एमजे अकबर का भी है। इन दिनों एमजे अकबर मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री हैं। कल जब पत्रकारों ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से एमजे अकबर पर लग रहे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बारे में पूछा तो वह उन्होंने अपने कनिष्ठ मंत्री पर मुंह नहीं खोला। लेकिन इधर छह महिला पत्रकारों ने मुंह खोल दिया, जो एमजे अकबर के उत्पीड़न से पत्रकारिता के दिनों में शिकार हुईं।

गौरतलब है कि जिन छह महिला पत्रकारों ने साफ—साफ कहा है कि एमजे अकबर ने यौन उत्पीड़न किया है, वह तब की बात है जब एमजे अकबर संपादक हुआ करते थे। एमजे अकबर लंबे समय तक अंग्रेजी अखबार एशियन एज के संपादक रहे। भाजपा नेता और फिर मंत्री बनने से पहले वह इंडिया टूडे पत्रिका के संपादक थे।

प्रिया रमानी के एमजे अकबर को लेकर किए खुलासे के बाद एशियन एज अखबार की कार्यकारी संपादक सुपर्णा शर्मा ने एमजे अकबर के वहशी होने की एक घटना इंडियन एक्सप्रेस से साझा की है। सुपर्णा शर्मा ने बताया, ‘यह घटना एक अखबार के लांच करने के दौरान की है, जिसमें मैंने 1993 से 1996 के बीच काम किया। उस समय मैं कोई 20 वर्ष की थी। मैं अपना पेज बना रही थी। मेरे कुर्सी के ठीक पीछे एमजे अकबर खड़े थे। तभी उन्होंने एकाएक मेरी ब्रा का पट्टा खींच दिया। मैं हतप्रभ हो उन पर चिल्ला पड़ी।’

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शर्मा ने इसके अलावा कुछ और भी आरोप लगाए हैं। वह बताती हैं कि इस घटना के कुछ दिन बाद मैं एक दिन टी शर्ट पहनकर आई जिसपर कुछ लिखा था। मैं एमजे अकबर के केबिन में गयी तो वह मेरी छाती ही निहारते रहे और उन्होंने कुछ ऐसा कहा, जिसे मैंने इग्नोर किया।

एशियन एज की संपादक सुपर्णा शर्मा जो पहले इंडियन एक्सप्रेस में भी नौकरी कर चुकी हैं, बताती हैं कि महिला कर्मचारियों को ताड़ना एमजे अकबर का रोज का धंधा था। एक दिन एक महिला दफ्तर में स्कर्ट पहनकर आ गयी तो एमजे अकबर तुरत अपने केबिन से बाहर आ गए। वह नीचे झुककर कुछ उठाने को हुई तो वह उसे घूरते रहे और मुझसे पूछा यह महिला कौन है?

शर्मा कहती हैं, ‘एमजे अकबर हमेशा उन जवान लड़कियों को अपना शिकार बनाने की कोशिश में जुटे रहते थे जो महात्वाकांक्षी थीं, आगे बढ़ना चाहती थीं और अपने काम को प्यार करती थीं।’ पर एमजे अकबर के ठरकीपने के किस्से यहीं खत्म नहीं होते।

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लेखिका शुहा राहा इंडियन एक्सप्रेस से कहती हैं, ‘एमजे अबकर ने मुझे 1995 में कोलकाता के ताज बंगाल होटल में साक्षात्कार के लिए उस समय बुलाया जब वे एशियन एज के संपादक थे। मेरा साक्षात्कार उन्होंने बिस्तर पर बैठाकर लिया, जहां साक्षात्कार लिए जाने का कोई तुक नहीं था।’

शुहा राहा आगे कहती हैं, ‘उन्होंने साक्षात्कार के बाद बताया कि आपकी नौकरी हो गयी है। लेकिन इसके बाद उन्होंने कहा कि आप शाम को ड्रिंक पर क्यों नहीं आतीं? मुझे यह सुनकर अजीब लगा और उनके इसी आॅफर के कारण मैंने यह नौकरी नहीं की।’

इसी तरह की बात एमजे अकबर के बारे में पत्रकार प्रेरणा सिंह बिंद्रा ने भी 7 अक्टूबर को ट्ववीट किया था। उन्होंने बताया कि एमजे अबकर ने उन्हें रात में होटल बुलाया कि वह ‘काम की बात’ करेंगे, जिसे मैंने इनकार कर दिया था। इसी दौरान मुझे मेरी दोस्त ने बताया कि गंदे कमेंट करना उनकी फितरत है।

इंडियन एक्सप्रेस ने अगली बात फ्रीलांस पत्रकार कनिका गहलोत से की है, जिन्होंने एमजे अबकर के साथ काम किया है। वे कहती हैं, मेरा अनुभव इतना बुरा नहीं रहा पर उनके बारे में सब ऐसी बातें करते थे कि वे ऐसा सबके साथ करते हैं। एक बार उन्होंने मुझे सुबह होटल में नास्ते के लिए बुलाया, मैं जाने का तैयार भी हुई पर मैंने वहां पहुंचने से इनकार कर दिया कि मुझे बहुत नींद आ रही है।

एमजे अकबर द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकार रहीं शुतापा पॉल ने रमानी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि मैं भी शिकार हुई जब एमजे अकबर 2010—2011 के संपादक थे और कोलकाता में काम कर रही थी।