Last Update On : 20 08 2018 05:13:02 PM
प्रतीकात्मक फोटो

गुंडागर्दी फैलाती अनियंत्रित भीड़ ने गौकशी के शक में मरे पशुओं को उठाने वालों के वाहन के साथ की तोड़फोड़ और वाहन चालकों को इतना मार मार कर किया बेहाल…

जनज्वार, टोहाना। गौभक्ति के नाम पर गुण्डागर्दी की घटनाएं हमारे देश में आम हो गई हैं। भारत में भीड को उकसाकर कानून की हदों से बाहर जा, तथ्यों को जाने परखे बिना किसी की जान लेना आज सबसे आसान हो गया है। किसी को अगर निशाना बनाना हो तो भीड़ में अफवाह फैलाकर उसकी जान लेना बहुत आसान है और ऐसा हो भी रहा है।

ऐसे में मॉब कब किस घटना को अंजाम दे दे कहना मुश्किल है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है टोहाना के समैन गांव में। यहां गौकशी के शक में गुस्साई भीड़ ने कल देर रात मरे पशुओं को उठाने वालों को जमकर पीटा। पुलिस हस्तक्षेप के बाद मुश्किल से उनकी जान बचाई जा सकी। मगर मॉब गौकशी की अफवाह मात्र से इतनी गुस्साई हुई थी कि अगर पुलिस समय से न पहुंचती तो वह उनकी जान ले चुकी होती।

घटनाक्रम के मुताबिक टोहाना के समैन गांव में गौशालाओं में कुछ पशु मरे थे, जिसके लिए मरे पशुओं को उठाने वाले लोगों को मय वाहन बुलाया गया था। ये लोग मरे पशुओं को लेकर वापस जा रहे थे कि किसी ने अफवाह फैला दी कि इन लोगों ने गौकशी की है। फिर क्या था भीड़ ने आव देखा न ताव वह वाहन चालकों की जान लेने पर उतारू हो गई।

थाना प्रभारी और डीएसपी ने बमुश्किल मृत पशुओं को ले जाने वाले चालकों की जान गुस्साई भीड़ से बचाई और उसके बाद उनसे पूछताछ की गई। प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ितों को अग्रोहा अस्पताल में रैफर किया गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को काबू में किया।

जिन गौशालाओं से इन लोगों ने मृत पशु उठाए थे उनसे संबधित पदाधिकारियों ने खुद बताया कि ये तीनों युवक बेगुनाह हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सामने आ चुका है कि जिन पशुओं को लेकर भीड़ ने इन लोगों की जान लेनी चाही उन पशुओं की मौत दो—तीन दिन पहले हो चुकी थी।

इस घटना में लगभग 200-250 की भीड़ ने एक मृत पशु उठाने वाले वाहन को रोककर उस पर गौकशी का आरोप लगाते हुए चालक व परिचालक के साथ मारपीट की। भीड़ इतनी उग्र व उत्पाती थी कि गाडी को जमकर तोड़ा गया। वाहन की बैटरी निकाल ली गई, टायरों को क्षतिग्रस्त किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुची जिसने भीड़ से चालक व परिचालक को अपने साथ लिया।

मृत पशु उठाने वाले रविशंकर ने बताया कि उनकी गाड़ी कर नांगली, दनौदा, बरवाला व उकलाना की गौशालाओं से मृत गायों को लेकर आ रही थी, जिन्हें गांव समैन में रोका गया। भीड़ ने उन लोगों की एक नहीं सुनी। हमने कहा कि हम लोग मरी हुई गायों को लेकर आ रहे हैं, मगर बिना बात सुने हमारी गाड़ी के साथ तोड़फोड़ शुरू कर दी गई।

भीड़ ने हम तीनों लोगों को बहुत मारा। रविशंकर बताते हैं नगरपालिका उकलाना, फतेहाबाद व टोहाना का मुर्दा पशु उठाने का ठेका हमारे पास है। ऐसा गन्दा काम करने के बाद भी हमारे साथ ऐसा किया जा रहा है इससे तो मरना ही अच्छा है। क्योंकि लोग हमें जीने नहीं देते। हमारी गाड़ी के कागज भी जला दिए हैं। पुलिस ने भीड़ में से अब तक किसी को नहीं पकड़ा है। हमें ही पकडा गया है हमारे तीनों आदमी जेल में हैं।

दनौदा गौशाला के मुंशी संदीप बताते हैं गौशाला में कोई पशु मर जाता है तो हम इन्हें फोन कर देते हैं। हमारी मौजदूगी में मरे पशु उठाते हैं, हम रसीद काट कर भी देते हैं। ये कल भी वही से पशु लेकर आ रहे थे। श्री कृष्ण गौशाला उकलाना मण्डी ने भी बताया कि जो गाय मर जाती है बीमार रहती है उनके पास दबाने की व्यवस्था नहीं है। हम इन्हें बुलाते है ये मृत गाय ही उठाते है, कल भी इन्हें बुलाया गया था।

वहीं पोस्टमार्टम कर रहे चिकित्सक ने बताया कि अभी तक की जांच के मुताबिक गायों की मौत तकरीबन 2 दिन पहले हो चुकी है।

घटना के बारे में डीएसपी जोगिंद्र शर्मा बताते हैं, हमें सूचना मिली थी कि गांव समैन हिसार रोड पर गाय से भरी गाडी लूट ली गई है। वहां मॉब ने चालक व परिचालक को पकड़ लिया था। उनसे हाथापाई भी हुई है। पुलिस ने उन्हें छुड़वाया, जिनका ईलाज करवा कर उन्हें अगा्रेहा रैफर कर दिया है। साथ ही गाड़ी को भी मुक्त करवा लिया गया। हम घटना के वीडियो फुटेज इकट्ठा कर रहे हैं। जिसने भी घटना को अंजाम दिया है उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।