बिहार में मॉब लिंचिंग में मारे गए बुजुर्ग का वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल, वीडियो में दिख रहा है कि बुजुर्ग काबुल भीड़ से मांग रहा अपनी जान की भीख, मगर किसी ने उसकी नहीं सुनी और पीट-पीटकर ले ली जान

जनज्वार। नीतीश राज में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है। पहले भी ऐसी कई असंवेदनशील घटनाएं सामने आई हैं जिसमें शासन—प्रशासन लगभग आंख बंद करके देखता रहा। ​हालिया मामले में एक बुजुर्ग को भीड़ ने पशु चोरी के शक में मौत के घाट उतार दिया, मगर प्रशासन की तरफ से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बिहार के अररिया जनपद में काबुल नाम के एक बुजर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर देने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक अररिया के सिकटी थाना क्षेत्र के सिमरबनी गांव में शनिवार 30 दिसंबर को रात में लगभग 300 लोगों की भीड़ ने पशु चोरी के शक में 55 साल के बुजुर्ग काबुल की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

मॉब लिंचिंग में मारा गया बुजुर्ग काबुल मियां सिमरबनी गांव के पास के ही गांव का रहने वाला था। अब मॉब लिंचिंग में दर्दनाक तरीके से मारे जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बुजुर्ग काबुल मियां अपनी बेगुनाह और जान की भीख मांग रहा है, मगर किसी ने उसकी एक न सुनी। काबुल को तब तक निर्दयता से पीटा गया, जब तक उसकी जान नहीं चली गई।

वीडियो में साफ—साफ दिखाई दे रहा है कि भीड़ बुजुर्ग काबुल के चेहरे पर लाठी—डंडों से वार कर रही है और चोर—चोर कहकर चिल्ला रही है। हमलावरों का नेतृत्व कर रहा मुस्लिम मियां नाम का युवक हंसते हुए भीड़ को हमले के लिए उकसाते हुए साफ देखा जा सकता है।

हैवानियत की हद यह कि भीड़ ने बुजुर्ग की पैंट तक निकाल दी। वीडियो में कई हमलावरों के चेहरे साफ—साफ देखे जा सकते हैं, मगर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। गौरतलब है कि जिस बुजुर्ग काबुल को ग्रामीणों ने पशु चोरी के शक में जान से मार दिया वह गांव का पूर्व प्रधान रह चुका है। वीडियो में काबुल भीड़ से कह रहा है कि उसने पशु चोरी नहीं की है, लेकिन कोई उसकी बात सुनने को तैयार नहीं हुआ।

गौरतलब है कि जो मुस्लिम मियां भीड़ को काबुल को जान से मारने के लिए उकसा रहा है उसने पहले भी काबुल के खिलाफ पशु चोरी का मामला दर्ज करवाया था। अब इस घटना की जानकारी पुलिस को दो दिन बाद तब मिली, जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इस मुद्दे पर अररिया के एसडीपीओ केपी सिंह कहते हैं, हमलावर पीड़ित के जानकार थे और ये सभी एक ही समुदाय से ताल्लुक रखने वाले थे। अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है।

बिहार में मॉब लिंचिंग की एक के बाद एक हो रही घटनाओं को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार को निशाने पर लिया है। ट्वीट किया है, ‘बिहार में भीड़तंत्र कायम है। पिछले 24 घंटों में मॉब लिंचिंग के कारण 3 लोगों की मौत हो गई। नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनादेश के लुटेरों ने बिहार को “लिंच-विहार” में बदल दिया है। पिछले 24 घंटों में 7 हत्याएं। बिहार में लॉ एंड ऑर्डर नियंत्रण से बाहर है, क्योंकि नीतीश सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है।’

गौरतलब है कि हाल में बिहार के सीतामढ़ी में भी एक 82 वर्षीय बुजुर्ग की मॉब लिंचिंग की गई थी, इसे लेकर भी नीतीश सरकार की खूब किरकिरी हुई थी। इस घटना में सीतामढ़ी के एक बुजुर्ग जैनुल अंसारी का भीड़ द्वारा गला रेता गया और उसके बाद उसे चौक पर जिंदा जला दिया गया था। इस घटना में भी मॉब लिंचिंग में मारे गए बुजुर्ग के परिवार को घटना के बारे में 3 दिन बाद पता चला था।


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