Last Update On : 21 09 2018 10:43:19 PM
मोदी जी जनता को भरमाने का एक से बढ़कर एक तरीका खोज ही लाते हैं फोटो: एपीएन

लोगों ने कहा कि जरा शर्म बची हो तो सरकार मनाए पश्चात्ताप दिवस, प्रायश्चित्त दिवस, सत्यभाषण-आश्वासन दिवस, सर्वधर्मसमन्वय दिवस

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों की नियामक और संचालक संस्था यूजीसी ने आदेश जारी कर कहा है कि देश भर के सभी उच्च शिक्षा संस्थान मनाएं 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे

जनज्वार। यूजीसी ने 19 सितंबर को देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों यानी विश्वविद्यालय—कॉलेजों को सर्कुलर जारी कर कहा कि भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि 29 सितंबर को देश भर में #सर्जिकल स्ट्राइक डे के रूप में मनाया जाएगा।

यूजीसी ने विश्वविद्यालयों—कॉलेजों को सुझाव देते हुए बकायदा 5 सूत्रीय कार्यक्रम भी सुझाए हैं कि वे इस आयोजन को कैसे उत्सव की तरह मनाएं। पहला सुझाव विशेष एनसीसी परेड का आयोजन है। इसके अलावा कैंपसों में पूर्व सैनिकों को बुलाकर उनसे बातचीत, छात्रों के बीच चर्चा, पोस्टर प्रदर्शनी, वीडियो-फिल्में दिखाएं।

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इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि छात्र पीएमओ और पीआईबी को अपना पत्र भी लिखकर भेजें जो देश के सैनिकों के नाम संबोधित हो। इस पत्र को सरकार नजीदीकी कंटोनमेंट तक सैनिकों को पहुंचाएगी।

सरकार की इस पहल पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया भी आने लगी है। उत्तर प्रदेश के शिक्षक नेता राजेश मिश्र कहते हैं, ‘यूजीसी का नया फरमान आया है कि देश भर के सभी उच्च शिक्षा संस्थान दिनांक 29 सितम्बर 2018 को #सर्जिकल स्ट्राइक डे धूमधाम से मनाए! तब तो अब 8 नवम्बर को #नोटबन्दी दिवस भी मनाना पड़ेगा!’

हालांकि सवाल उठने पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सफाई दी है कि किसी उच्च शिक्षा संस्थान को यह उत्सव मनाने के लिए सरकार मजबूर नहीं कर रही है। पर सवाल यह है कि सैन्य मामलों को विश्वविद्यालय कॉलेजों में सरकार शुरू कराकर आखिर किन जरूरी सवालों को किनारे करना चाहती है।

संस्कृत के शिक्षक डॉक्टर विनोद कुमार दीक्षित कहते हैं, ‘अभी समाचार आया है तीन पुलिस कर्मियों की हत्या। कल समाचार था …एक पुलिस कर्मी की हत्या। आये दिन मासूम बच्चियों का रेप और हत्या। अरे !! थोड़ी भी लज्जा होती तो पश्चात्ताप दिवस, प्रायश्चित्त दिवस, सत्यभाषण-आश्वासन दिवस, सर्वधर्मसमन्वय दिवस मनाया जाता। यूजीसी के चेयरमैन महोदय को क्या कहा जाय? अफसोस हो रहा है।’