Last Update On : 11 01 2018 08:34:00 AM

विदेशी पूंजीपतियों को देश लूटने के लिए मोदी ने दी नई छूट, नोटबंदी, जीएसटी से आम जनता और छोटे व्यापारियों को तबाह कर मोदी की मंशा नहीं हुई पूरी तो अब खुदरा व्यापार में लागू किया आॅटोमैटिक 100 प्रतिशत एफडीआई

सत्ता में बैठने से पहले जिस एफडीआई को बड़े से बड़े भाजपाई नेता ‘फंड्स टू डेवेलप इंडियन नेशनल कांग्रेस’ कहा करते थे, ‘डिमॉलिश एफडीआई, सेव इंडिया’ की तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते थे, आज उसे ही लागू कर मोदी और उनकी प्यादी कैबिनेट ने साबित कर दिया है कि भाजपा का सारा विरोध प्रदर्शन सत्ता कब्जाने का हथियार था और 125 करोड़ जनता को उल्लू बनाने का तरीका

जनज्वार, दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने 10 जनवरी को फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) मामले में देश को बड़ा धोखा दिया है। उसने वही किया है जिसका विरोध कर उसने कांग्रेस को सत्ता को बेदखल किया और जनता ने भरोसा कर भाजपा को वोट दिया।

कल 10 जनवरी को मोदी कैबिनेट ने सिंगल ब्रैंड रीटेल, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से 100% के साथ एयर इंडिया में 49% एफडीआई को मंजूरी दे दी है। एयर इंडिया में एफडीआई का बहाना यह कि इससे वह घाटे से उबर जाएगी। इसी तरह प्रॉपर्टी सेक्टर को भी मंदी से उबारने के लिए आॅटोमैटिक एफडीआई रूट में शामिल किया गया है।

ध्यान रहे कि मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही 2014 में सिंगल रिटेल ब्रांड में 100 फीसदी एफडीआई लागू कर दी थी। 10 जनवरी को कैबिनेट ने सिंगल ब्रांड रिटेल में 100% एफडीआई को ऑटोमैटिक रूट से मंजूरी दी। सरकार के इस फैसले का कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने सिंगल ब्रांड रिटेल में ऑटोमैटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी देने के फैसले का विरोध किया है। कहा है कि इससे छोटे व्यापारियों के लिए कारोबार करना और मुश्किल हो जाएगा।

क्या है आॅटोमैटिक रूट 
100 फीसदी एफडीआई के बाद भी सरकार से से मंजूरी लेनी होती थी। इस मंजूरी के जरिए ही भारत में विदेशी रिटेल कंपनियों आईकिया और नाइकी ने भारत के खुदरा व्यापार में दखल दिया था। लेकिन अब सिंगल ब्रांड रिटेल में ऑटोमैटिक रूट से 100% एफडीआई के बाद विदेशी कंपनियों को सरकार से किसी तरह की इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी और न ही क्लीएरेंस लेना होगा।

भाजपा ने किया था एफडीआई का प्रचंड विरोध 
2012 से लेकर 2014 तक भाजपा के सभी नेताओं ने एफडीआई का खूब विरोध किया था। पूरे देश में भाजपा के नेताओं को निर्देश था कि वह अपने स्तर पर रिटेल में एफडीआई का विरोध करें और कांग्रेस सरकार को इस मामले में नंगा करके रख दें। अभी भाजपा नेताओं जैसे नितिन गडकरी, वैंकैया नायडू, हर्षवर्धन आदि की तमाम तस्वीरें इंटरेनट पर पड़ी हुई हैं जो भाजपा की गिरगिटपने को खोलकर रख दे रही हैं।

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