रामनगर महाविद्यालय के पीछे कोसी नदी में गिरता गंदे नाले का पानी

लम्बे समय से रामनगर शहर के कई क्षेत्रों के गन्दे पानी के नाले सीधे कोसी नदी में प्रवाहित होने के कारण कोसी नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। नदी का पानी पीने योग्य न रहने के साथ-साथ ही नदी में पलने वाली मछलियों व अन्य जलीय जीव-जन्तुओं के लिये जानलेवा साबित हो रहा है…

सलीम मलिक की रिपोर्ट

रामनगर। लम्बे समय से प्रदूषण की मार झेल रही सदानीरा कोसी नदी को प्रदूषण से निजात मिलने की उम्मीद की किरण केन्द्र सरकार के नमामि गंगे परियोजना से दिखाई देने लगी है। केन्द्र सरकार ने कोसी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिये पचास करोड़ से अधिक की योजना को हरी झण्डी दिखा दी है।

सम्भावना है कि इसके लिये इसी वित्तीय वर्ष में बजट जारी हो सकेगा। उत्साहित विभाग ने कोसी नदी को प्रदूषणमुक्त करने के लिये किये जाने वाले कार्यों का ई-टेन्डर भी जारी कर दिया है।

गौरतलब है कि लम्बे समय से नगर के कई क्षेत्रों के गन्दे पानी के नाले सीधे कोसी नदी में प्रवाहित होने के कारण कोसी नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। नदी का पानी पीने योग्य न रहने के साथ-साथ ही नदी में पलने वाली मछलियों व अन्य जलीय जीव-जन्तुओं के लिये जानलेवा साबित हो रहा है। कई बार सामाजिक कार्यकर्ता कोसी नदी को प्रदूषणमुक्त किये जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के चलते कोसी नदी की हालत जस की तब बनी हुई है।

जनता का दवाब बढ़ता देख पेयजल विभाग ने कोसी नदी का प्रदूषण समाप्त करने के लिये नदी में सीधे गिरने वाले गन्दे पानी के छह नालों को जिम्मेदार मानते हुये इन नालों का ट्रीटमेन्ट प्लान बनाया था। कोसी नदी को प्रदूषित करने वाले आमडंडा के फूलताल नाले, क्रिया घाट नाला, बैलपड़ाव नाला, कोसी रोड नाला, गुलरघटटी नाला तथा पम्पापुरी नाले के गंदे पानी को कोसी में गिरने से रोकेने के लिये विभाग ने 65 करोड़ की योजना का प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिये उच्च स्तर पर भेजा था।

पेयजल विभाग को भेजे गये इस प्रस्ताव को अब जाकर कुछ संशोधनों के साथ नमामि गंगे परियोजना के तहत हरी झण्डी मिल गई है। इस परियोजना के तहत कोसी नदी में गिरने वाले छह गंदे नालों के ट्रीटमेन्ट प्लान के लिये 52 करोड़ 40 लाख रुपये की योजना को मंजूर किया गया है।

इस मामले में पेयजल विभाग के अधिशासी अधिकारी सुखबीर सिंह ने बताया कि नालों के ट्रीटमेन्ट प्लान को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने इसके लिये कागजी कार्यवाही पूरी कर ली है। ई-टेन्डरिंग के माध्यम से योजना के लिये टेन्डर मंगाये जा रहे हैं। विभाग को बजट मिलते ही नालों के ट्रीटमेंट प्लान का काम शुरू हो जायेगा।

इस मामले में स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट कहते हैं, नमामि गंगे परियोजना के तहत कोसी नदी को प्रदूषणमुक्त बनाये रखने के लिये योजना को हरी झण्डी मिल चुकी है। आशा है कि इसी वित्तीय वर्ष में इसके लिये बजट भी जारी हो जायेगा। बजट जारी होते ही रिकार्ड समय में इस योजना को पूरा कराकर कोसी नदी को प्रदूषणमुक्त किया जायेगा।


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