Last Update On : 23 07 2017 11:10:00 PM

सिम्मी बैंडमिंटन की जूनियर नेशनल खिलाड़ी थी। उन्हें तीन साल पहले मैराथन दौड़ के लिए पुरस्कृत किया था

दरभंगा, बिहार। नेशनल बैटमिंटन चैंपियनशिप में बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाली सिम्मी सलोनी की शनिवार 22 जुलाई की सुबह हत्या कर दी गई। बीस वर्षीय सिम्मी सीएम साइंस कॉलेज की बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी।

गौरतलब है कि खिलाड़ी होने के चलते सिम्मी रोज सुबह जॉगिंग और अभ्यास करने जाती थी। हालांकि वह रोज अपने भाई के साथ जाती थी मगर 22 जुलाई की सुबह भाई साथ नहीं गया तो वह सुबह पांच बजे जॉगिंग करने अकेले निकल गई, मगर जब सुबह आठ बजे तक घर वापस घर नहीं लौटी तो घरवालों को चिंता हुई।

सिम्मी की बहन के मुताबिक भाई आदित्य व आयुष ने पोलो मैदान व इंडोर स्टेडियम में उसकी तलाश की, मगर वह वहां नहीं मिली। इस दौरान सिम्मी की सहेली के पास भी फोन किया, कि कहीं वो उसके साथ न हो, मगर सिम्मी सहेली के साथ भी नहीं थी। पोलो मैदान से लौटते हुए कॉलोनी में स्थित पानी की टंकी के पसिर में सिम्मी की फ्राक जब उसके भाई को दिखी तो वह वहां गया और अंदर गया तो उसकी लाश पड़ी हुई थी। उसके शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे। सिम्मी को कंधे पर उठाकर वह दौड़ते हुए घर ले गया, मगर घर पहुंचकर पता लगा कि अब उसकी बहन दुनिया में नहीं रही।

सिम्मी बैंडमिंटन की जूनियर नेशनल खिलाड़ी थी। उन्हें तीन साल पहले मैराथन दौड़ के लिए तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज ने पुरस्कृत किया था।

सिम्मी के पिता कहते हैं कि हमारी किसी से दुश्मनी नहीं थी, फिर क्यों किसी ने इतनी निर्ममता से मेरी बेटी को मार दिया, समझ में नहीं आ रहा।

सिम्मी सलोनी बिहार के दरभंगा जनपद स्थित बहादुरपुर थाना क्षेत्र के वाटरवेज कॉलोनी में रहने वाले समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के शाहपुर पगरा के मूल निवासी अजय कुमार सिन्हा की बेटी हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता नहीं चल पाया है कि सिम्मी की हत्या किन कारणों से की गई।

सिम्मी के शव पर गहरी चोटों के निशान पाए गए हैं। कमर और पीठ पर भी घाव थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या करने से पहले उसे घसीटा गया है और उसके साथ जबर्दस्ती दुष्कर्म करने की कोशिश की गई होगी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही यह साफ हो पायेगा कि सिम्मी की हत्या कैसे और क्यों हुई। सिम्मी के दाहिने पैर की हालत ऐसी थी कि लगता था जैसे किसी लोहे के रॉड से उसे तोड़ा गया हो। पांव में घुटने से नीचे कई जगहों पर मांस भी बाहर निकला हुआ था।

हालांकि सिम्मी की लाश मिलने के बाद पुलिस ने शुरुआती पड़ताल करते हुए हत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है, मगर अभी तक कोई खास सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। एसएसपी सत्यवीर सिंह के मुताबिक सिम्मी की लाश को देखकर लगता है कि यह मामला हत्या का है। पुलिस ने हत्या की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर और फिर कुछ विशेष जानकारियां मिलने की संभावना है।

लोग कयास लगा रहे हैं कि इस घटना में कहीं पानी की टंकी की टंकी के आॅपरेटर की मिलीभगत न हो, क्योंकि वह पिछले तीन दिनों से दिख नहीं रहा था और पानी की टंकी का गेट भी शनिवार को खुला हुआ था, जबकि हमेशा उस पर ताला जड़ा रहता था।

सिम्मी की हत्या की जांच और हत्या के कारणों को जल्द से जल्द सामने लाने के लिए कुछ संगठनों ने आज प्रतिवाद मार्च आयोजित किया। साथ ही कहा कि जहां ताड़ी पीने के आरोप में तो दलितों को सालों की कैद हो जाती है, मगर इस नृशंस हत्या पर नीतीश सरकार ने चुप्पी क्यों साधी हुई है। अपराधियों को अभी तक पकड़ा नहीं जा सकता है। इंसाफ मंच द्वारा स्थानीय पोलो मैदान से राज्यव्यापी प्रतिवाद के तहत प्रतिवाद मार्च निकाला गया।