पूर्व भाजपा सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी बोले देवरिया के वर्तमान भाजपा सांसद कलराज मिश्र हैं बाहरी और विकास विरोधी

देवरिया, जनज्वार। देवरिया लोकसभा क्षेत्र चुनावों से पहले हमेशा राजनीति के केंद्र में आ जाता है। समाजवाद का गढ़ माने जाने वाले देवरिया में बमुश्किल संघर्ष के साथ सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने मोहन सिंह को लोकसभा चुनाव में शिकस्त दी थी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका पाया था।

दूसरे लोकसभा चुनाव में मोहन सिंह चुनाव जीत गये और देश की सबसे बड़ी पंचायत में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार मिला। ये दोनों राजनीति के धुरंधर एक एक करके चुनाव जीतते रहे, मगर देवरिया की जनता ने दोनों सांसदों को दरकिनार कर 2009 के चुनाव में धनबल के कारण धमक बनाने वाले गोरख प्रसाद जायसवाल को चुनाव जिताकर संसद भेजा।

वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के प्रबल दावेदार लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी और सूर्य प्रताप शाही के बीच टिकट को लेकर घमासान छिड़ गया। इन दोनों के समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच आपस में विवाद बढ़ता गया, जिसके कारण केन्द्रीय नेतृत्व ने विवाद को सुलझाने के लिए कलराज मिश्र को देवरिया से भाजपा प्रत्याशी बनाया। हालांकि कलराज मिश्र और श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के बीच छत्तीस का आंकड़ा था, मगर उस समय श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी कलराज मिश्र के साथ खड़े रहे।

चुनावी जनसभाओं में कलराज मिश्र कहते थे लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी मेरे बड़े भाई हैं। इनके पिताजी का मेरे ऊपर सदैव हाथ रहता था, ये मेरे बड़े भाई हैं। मैं इनके खिलाफ चुनाव लड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता हूं, मगर केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर चुनाव लड़ने आया हूं। श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने अपने समर्थकों के साथ उनके पक्ष में धुआंधार प्रचार शुरू कराया और कलराज मिश्र सांसद का चुनाव जीत गये।

मगर इस बार के चुनावों में वही श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी कलराज मिश्र के खिलाफ चुनावी बिगुल यह कहकर फूंक रहे हैं कि वे बाहरी और निकृष्ट सांसद हैं। वे जनता से अपील कर रहे हैं यहां से इन निकृष्ट और कामचोर सांसद को भगाओ। कलराज मिश्र देवरिया के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। जिस जिस काम का फीता काट रहे हैं, वह सब मेरा लाया हुआ है।

बकौल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और दूरसंचार का आफिस समेत गांव गांव में इन्दिरा आवास सर्वाधिक मेरे प्रयासों से बने। कलराज मिश्र को बाहरी बताते हुए वे 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने पुत्र शशांक मणि त्रिपाठी को चुनाव में योग्य उम्मीदवार घोषित कर रहे हैं।

देवरिया में तत्कालीन सांसद कलराज मिश्र के खिलाफ भाजपा नेताओं ने इस बार मोर्चा खोल दिया है। गौरतलब है कि भाजपा ने अभी देवरिया से अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। प्रत्याशियों में इस बार प्रधानाचार्य डॉ. अजयमणि त्रिपाठी, विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र सिंह, शलभ मणि त्रिपाठी भी भाजपा के टिकट के प्रमुख दावेदार हैं, जिन्होंने कलराज मिश्र के खिलाफ माहौल बनाकर मोर्चा संभाला हुआ है।


जन पत्रकारिता को सहयोग दें / Support people journalism


Facebook Comment