गुजरात के प्रमुख दैनिक का खुलासा, विजय माल्या और नीरव मोदी से भी बडे-बड़े लुटेरे भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात में

व्यापारियों के नाम तो नहीं हुए उजागर, लेकिन फर्म्स का नाम आया सामने

न खाऊंगा न खाने दूंगा की कसम खाने वाले प्रधामनंत्री के अपने राज्य में बैंकों के घोटाले बताते हैं मोदी की सच्चाई

जनज्वार। गुजरात के एक गुजराती दैनिक गुजरात समाचार में छपी खबर के अनुसार गुजरात के बैंकों में हुआ एक महाघोटाला सामने आया है जो नीरव मोदी और विजय माल्या द्वारा लूटे गए क्रमशः 11360 करोड़ और 9 सौ करोड़ से भी ज्यादा है।

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माना जा रहा है कि यह घोटाला उसी समय शुरू हो गया था जब वहां मोदी मुख्यमंत्री थे। हालांकि अभी इसे पुख्ता तौर पर सूत्र नहीं बता पा रहे हैं। मगर यह सामने जरूर आया है कि इसमें 26501 करोड़ के लोन का स्कैम हुआ है।

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महाघोटाले में शामिल कंपनियां और लोन की रकम

कंपनी लोन की रकम
कैमरॉक  1651 करोड़
सांडेसारा ग्रुप17500 करोड़
जे सीटी कंपनी का थापर ग्रुप 4000 करोड़
डायमण्ड पावर 3000 करोड़
मुक्त ज्वेलर्स350 करोड़

बीस हजार करोड़ से भी ज्यादा यानी छब्बीस हजार 501 करोड़ का लोन लेकर गबन करने वालों में कैमराक, साडेसरा, जे सीटी कंपनी का थापर ग्रुप, डायमंड पावर और मुक्त ज्वैलर्स शामिल हैं।

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हालांकि सांडेसारा ग्रुप के बैंक स्कैम की छुटपुट खबरें पहले भी मीडिया में आ चुकी हैं, मगर यह घोटाला इस स्तर पर होगा इसका किसी को अंदाजा भी नहीं होगा। गुजरात समाचार ने अपनी खबर में अकेले सांडेसारा ग्रुप को 17500 रुपए के बैंक स्कैम में आरोपी बनाया है।

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अब रोटोमैक कंपनी का मालिक भी 800 करोड़ लोन लेकर हुआ फरार
इसी बीच एक और बड़ी खबर आ रही है कि रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी ने जिसने सबसे अधिक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 485 करोड़ का लोन लिया है वह फरार हो गया है। उसने इलाहाबाद बैंक से भी 352 करोड़ का कर्ज लिया था।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कानपुर स्थित रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी ने 5 सरकारी बैंकों से 800 करोड़ से भी ज्यादा का लोन लिया हुआ है। इनमें इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं, जिन्होंने नियम-कानूनों को ताक पर रखकर विक्रम कोठारी को इतनी बड़ी रकम लोन दी है। (फोटो : बैंक घोटाले में सबसे बड़ी रकम का गबन करने वाली सांडेसारा कंपनी के प्रमुख चेतन जयंतीलाल सांडेसारा और प्रधानमंत्री मोदी)

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